
-ठाकरी में किसान की आत्महत्या का प्रकरण: उधर संसद में गूंजा मामला, किसान सभा का जिलेभर में प्रदर्शन
ठाकरी निवासी किसान सोहनलाल कड़ेला के आत्महत्या प्रकरण में मंगलवार को रायसिंहनगर पुलिस ने मृतक किसान के घर जानकर उनके परिजनों के बयान लिए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में किसान की आत्महत्या का कारण कर्ज मानने से इनकार कर दिया है।
इस बीच मंगलवार को यह मामला संसद में गूंजा। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में मामला उठाया। उन्होंने घटना को दुखदायी बताते हुए राज्य में कर्जमाफी करने और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। इससे पहले सोमवार को सांसद निहालंचद ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष यह मामला उठाया था।
उधर, अखिल भारतीय किसान सभा ने जिलेभर में तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने, कर्जमाफी लागू करने, जमीनों की कुर्की की कार्रवाई पर रोक लगाने सहित अन्य मांगों का ज्ञापन
-उपखंड अधिकारी को सौंपा।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी व श्योपत मेघवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने रायसिंहनगर एसडीएम को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उधर, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने ठाकरी गांव में पहुंचकर मृतक के परिजनों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली।
उपखंड अधिकारी संदीप काकड़ ने नियमानुसार मृतक की पत्नी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन में चयनित करने, खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित करने सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में लाभ देने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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-वसुंधरा ने भी जताया था खेद
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को दो अलग-अलग ट्वीट कर कहा था कि बैंकों के कर्ज से परेशान प्रदेश के किसान मौत को गले लगा रहे हैं लेकिन बीज से लेकर बाजार तक हर मोर्चे पर विफल कांग्रेस सरकार आंखें मूंदे बैठी है। कांग्रेस के लिए किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी का वादा केवल सत्ता तक पहुंचने का माध्यम था। रायसिंहनगर में कर्ज के बोझ तले दबे अब एक और किसान की आत्महत्या का मामला घोर निंदनीय है। अपने वादे पर खरा उतरने में असफल रही कांग्रेस सरकार किसान परिवारों की बदहाली की जिम्मेदार है। सरकार की सम्पूर्ण कर्जमाफी का वादा अब अन्नदाता की मौत का पैगाम बन रहा है।