
श्रीगंगानगर.
पंचायत सहायक भर्ती के खाली पदों को भरने के लिए अब फिर से अड़चन आ गई है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारभिंक का पद खाली होने के कारण स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से भिजवाएं गए चयनित अभ्यार्थियो का परिणाम संबंधित लिफाफे नहीं खुल पाए।पिछले सप्ताह राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने पूरे प्रदेश में पंचायत सहायक भर्ती के खाली पदों को तीन दिन में भरने की प्रक्रिया पूरी करने के आदेश पंचायतराज विभाग, जिला परिषद और शिक्षा अधिकारी प्रारभिंक को दिए थे लेकिन इतने दिन के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
ऐसे में गुरुवार को वंचित विद्यार्थी मित्र संघ के अध्यक्ष राजकुमार की अगुवाई में पदाधिकारियों ने जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण और सीईओ विश्राम मीणा से अटकी भर्ती प्रक्रिया को तत्काल पूरा करने की मांग दोहराई। सीईओ मीणा का कहना था कि जिला शिक्षा अधिकारी प्रारभिंक का पद अभी खाली है। जैसे ही नए डीईओ प्रारभिंक आएंगे तो ग्राम पंचायतों की एसडीएमसी से आए लिफाफे खोलकर जिला स्तरीय कमेटी अपना अंतिम निर्णय करेगी। चार जनवरी तक मामला निपटने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट में चुनौती से हुई देरी
जिले में पंचायत सहायक भर्ती के 215 पद अब भी खाली है। ज्ञात रहे कि जिले की 336 ग्राम पंचायतें है, ऐसे में कुल पद 672 हुए। इसमें 457 सीटों को भरा जा चुका है। लेकिन अब भी 215 सीटें खाली रह गई है। खाली पदों पर वंचित विद्यार्थी संघ ने विद्यार्थी मित्रों को प्राथमिकता देने के संबंध में हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिकाएं दायर की थी। अब हाईकोर्ट ने दायर याचिकाओं में निर्णय करते हुए पंचायतराज विभाग को यह प्रक्रिया जल्द निपटाने के आदेश दिए है।