करीब एक साल बाद हुई नगरपालिका की साधारण सभा, आधे घंटे में सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
श्रीकरणपुर. करीब एक साल बाद नगरपालिका साधारण सभा शुक्रवार को हुई। करीब आधे घंटे तक चली बैठक में पहले से तय एजेंडे में रखे सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए लेकिन एक आध को छोडकऱ जनसमस्याओं व विकास से जुड़े किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। वहीं, पक्ष-विपक्ष दोनों ही इसके लिए शांत नजर आए।
जानकारी अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष रमेश बंसल की अध्यक्षता में बैठक का आगाज किया गया। इस दौरान सबसे पहले दिवंगत पार्षद सुगना राम की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद इओ संदीप बिश्रोई ने पहले से तय एजेंडे के पहले ङ्क्षबदु को पढ़ते हुए बरसाती पानी से प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा दिलाने के लिए डीएलबी को प्रस्ताव भेजने की बात कही। इस पर सभी ने तुरंत सहमति जताई।
इसके बाद गौतम पुत्र ओमप्रकाश को सफाई कर्मचारी, सौरभ पुत्र दीपक को चतुर्थ श्रेणी व विकास कुमार पुत्र मदन लाल को कनिष्ठ सहायक पद पर मृत आश्रित अनुकंपा नियुक्ति के प्रस्ताव रखे गए। वहीं, ठोस कचरा प्रबंधन के लिए चार बीघा भूमि का क्रय करने, वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्टोर से करवाए गए कार्य व 2025-26 में स्टोर से करवाए जाने वाले कार्य जैसे स्टेशनरी, ङ्क्षप्रङ्क्षटग, साउंड, टैंट, सजावटी लडिय़ां मय जरनेटर व अनुबंधित कार्मिक के साथ स्वीकृत बजट से अधिक व्यय की गई राशि की स्वीकृति व नगरपालिका के अंकेक्षण वर्ष 2001-02 से 2007-08 तक की ऑडिट रिपोर्ट बैठक में रखने संबंधी प्रस्ताव रखे गए। जिन पर पूरे सदन की ओर से तालियां बजाकर सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस दौरान पालिका उपाध्यक्ष अशोक गरूड़ा ने अनुबंधित कार्मिकों का न्यूनतम मजदूरी (मानदेय) बढ़ाने संबंधी मुद्दा रखा लेकिन इओ ने कहा कि इस संबंध में नगरपालिका अपने स्तर पर कुछ नहीं कर सकती। उन्होंने इसके लिए डीएलबी को पत्र लिखने की बात कही।
पहले से तय एजेंडे पारित होने पर पार्षद विकास तनेजा ने कस्बे में बरसाती पानी से होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जोहड़ की सफाई नहीं होने से बरसाती सीजन में आधे कस्बे को इस समस्या का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूछा कि जोहड़ की सफाई कब होगी। इस पर इओ ने जवाब दिया कि जोहड़ की सफाई का टेंडर हुआ था लेकिन तय समय अवधि में इस पर निर्णय नहीं होने से यह टेंडर निरस्त किया जा चुका है। उन्होंने पूर्व में स्वीकृत आठ अन्य कार्यों के निरस्त होने की भी जानकारी दी। इस दौरान पार्षद शुभम मूंदड़ा गौरव पथ के क्षतिग्रस्त होने संबंधी मुद्दा उठाया जिसे एजेंडे में शामिल नहीं होने का कहकर चर्चा नहीं की गई। वहीं, पार्षद सुनील कंबोज ने पालतू पशुओं के संबंध में पशुपालकों से बैठक व कार्रवाई का निर्णय करने पर इओ का आभार जताया।
बैठक के समापन अवसर पर वार्ड चार के पार्षद विनोद रेगर ने हरिजन बस्ती का नाम बदलकर बाबा साहेब अंबेडकर बस्ती रखने का प्रस्ताव रखा। इओ को पत्र सौंपने के साथ उन्होंने कहा कि इस संबंध में वर्ष 1982 में केंद्र सरकार व वर्ष 2010 में सामाजिक न्याय आधिकारिता विभाग ने भी हरिजन शब्द पर रोक लगाई। सदन की स्वीकृति से इओ ने यह मुद्दा एजेंडे में शामिल करते हुए सदन में प्रस्ताव रखा। सर्वसम्मति से पारित होने पर स्वीकृति के लिए इसे डीएलबी व संभागीय आयुक्त को भिजवाने का निर्णय किया गया।
बैठक में पालिकाध्यक्ष, पालिका उपाध्यक्ष, पार्षदों, मीडियाकर्मियों, इओ के साथ पालिका कार्मिक मुकेश कुमार व रामस्वरूप मेघवाल के अलावा करीब दर्जनभर लोग बाहर के भी दिखाई दिए। यही नहीं, उनमें से एक-दो ने तो समस्याएं उठाने का प्रयास भी किया लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने उनकी उपस्थिति पर आपत्ति नहीं जताई। बताया गया कि बैठक में कुल 24 में से 21 पार्षद शामिल हुए। पार्षद भीमसेन, मनप्रीत कौर व सुमन मोहनपुरिया अनुपस्थित रहे।