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सूरतगढ़। उत्तर पश्चिम रेलवे के महत्वपूर्ण बठिंडा-लालगढ़ रेलखंड के दोहरीकरण प्रोजेक्ट जल्द ही रफ्तार पकड़ने जा रहा है। रेल मंत्रालय इस प्रोजेक्ट को इसी वित्तीय वर्ष से ही प्रारंभ करने की पूरी तैयारी में है। रेलवे की ओर से करीब 320.17 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग के दोहरीकरण के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) का कार्य पूरा करवाया जा चुका है।
जिसके बाद रेलवे बोर्ड की परियोजना मूल्यांकन समिति ने गत माह 20 फरवरी को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को तकनीकी स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। अब रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना के बजट अनुमोदन के लिए प्रस्ताव नीति आयोग को भेज दिया है। आयोग से मंजूरी मिलते यह बहुप्रतीक्षित परियोजना शुरु हो जाएगी।
रेलवे बोर्ड की परियोजना मूल्यांकन समिति ने बठिंडा-लालगढ़ रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के लिए 3455 करोड़ रुपए के प्राक्कलन को मंजूरी देते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) नीति आयोग को भेज दी है।
गौरतलब है कि 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए नीति आयोग से अनुमोदन और स्वीकृति आवश्यक होती है। ऐसे में आयोग की मंजूरी मिलने के बाद ही परियोजना के कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना के तहत बठिंडा-हनुमानगढ़-सूरतगढ़-लालगढ़ रेलखंड पर मौजूदा रेलवे लाइन के समानांतर नई रेल लाइन बिछाने के साथ दर्जनों छोटे बड़े पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
सूरतगढ़ थर्मल पावर स्टेशन के कारण इस रेलखंड पर मालगाड़ियों का बड़ा आवागमन रहता है। प्रतिदिन करीब 10 कोल रैंक की बठिंडा मार्ग से सूरतगढ़ थर्मल तक आवाजाही रहती है। इसके अलावा गुजरात के कांडला बंदरगाह से आने वाला माल भी इसी मार्ग से पंजाब और दिल्ली की ओर भेजा जाता है।
वर्तमान में यह रेलखंड सिंगल लाइन होने के कारण मालगाड़ियों को अक्सर पैसेंजर ट्रेनों के लिए ट्रैक खाली होने का लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार कोल रैक एक-दो दिन तक भी वेटिंग में रहते है। ऐसे में इस रेलखंड का दोहरीकरण होने से माल और यात्री दोनों ट्रेनों का संचालन तेज व सुचारू हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से राजस्थान में 1412.3 किलोमीटर रेल मार्गों का दोहरीकरण किया जाना प्रस्तावित है। इनमें बठिण्डा से बीकानेर तक 320.17 किमी, लालगढ़ से जैसलमेर 314 किमी, मेड़ता रोड से बीकानेर 172 किमी तथा खेड़ा से हिसार 42.04 किमी रेल मार्ग दोहरीकरण के लिए शामिल है। इनमें अधिकांश रेलखंडों पर रेलवे द्वारा अंतिम स्थान सर्वेक्षण कार्य पूरा करवाया जा चुका है। रेल मार्गों के दोहरीकरण से प्रदेश में रेल यातायात तेज और निर्बाध संचालित हो सकेगा।
बठिंडा-लालगढ़ रेल लाइन दोहरीकरण प्रोजेक्ट की डीपीआर को रेलवे बोर्ड की परियोजना मूल्यांकन समिति से तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। नीति आयोग से स्वीकृति मिलते ही परियोजना शुरु कर दी जाएगी। दोहरीकरण से क्षेत्र में रेल यातायात अधिक सुगम होगा। मालगाड़ियों के संचालन में गति आएगी तथा भविष्य में नई रेल सेवाएं शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
-भूपेश यादव, सीनियर डीसीएम, बीकानेर रेल मंडल।
Updated on:
13 Mar 2026 06:12 pm
Published on:
13 Mar 2026 03:13 pm
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