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Rajasthan New Rail Line: राजस्थान से हरियाणा के बीच यहां 215KM तक बिछेगी नई रेल लाइन, 2208 करोड़ आएगी लागत

Phulera-Rewari Railway Line Doubling Project: राजस्थान और हरियाणा के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए बड़ा रेल प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ने लगा है।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 5 Mar 2026, 5:28 PM IST

rajasthan new rail line

Photo: AI generated

जयपुर। राजस्थान और हरियाणा के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए बड़ा रेल प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ने लगा है। करीब 215 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। जिस पर करीब 2208 करोड़ रुपए की लागत आएगी। नई रेल लाइन बिछने के बाद राजस्थान और हरियाणा के कई जिलों को काफी फायदा होगा। साथ ही ​हरियाणा से खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी आने वाले श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी।

हरियाणा के रेवाड़ी से राजस्थान के फुलेरा तक रेलखंड के दोहरीकरण का काम दो चरणों में पूरा होना है। पहले चरण में रेवाड़ी से नारनौल तक करीब 51 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर दोहरीकरण कार्य किया जा रहा है। अब तक 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। रेवाड़ी-नारनौल रेलखंड के दोहरीकरण लिए कुल 665.72 करोड़ का बजट निर्धारित है।

दूसरे चरण में नारनौल-फुलेरा के बीच बिछेगी रेल लाइन

वहीं, दूसरे चरण में नारनौल से फुलेरा तक करीब 164 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद नारनौल-फुलेरा के बीच रेल लाइन बिछाने का काम शुरू होगा। नारनौल-फुलेरा रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 1542.38 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया है।

दिल्ली-जयपुर रूट पर ट्रेनों का दबाव होगा कम

वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों की संख्या सीमित है। लंबी दूरी की ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रुकना पड़ता है, जिससे समय अधिक लगता है। लेकिन, रेवाड़ी-फुलेरा रेलखंड के दोहरीकरण के बाद राजस्थान और गुजरात से दिल्ली जाने वाली अधिकतर ट्रेनें इसी रूट से संचालित की जा सकेगी। साथ ही दिल्ली-जयपुर रूट पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।

रेल नेटवर्क होगा और मजबूत

अच्छी बात ये है कि रेवाड़ी-फुलेरा रूट करीब 70 किमी छोटा है। ऐसे में दोहरीकरण के बाद सफर की दूरी भी कम होगी। इसके अलावा यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ-साथ व्यापार और परिवहन को भी गति मिलेगी। लोगों को उम्मीद है कि इस अहम परियोजना से रेल नेटवर्क और मजबूत होगा।