
श्रीगंगानगर/ जैतसर
श्रीगंगानगर जिले के जैतसर कस्बे में शुक्रवार को हुई बरसात ने किसानों को एक और जहाँ राहत देने का काम किया वहीं दूसरी ओर बरसाती पानी की निकासी नहीं होने के कारण ग्रामीणों के लिए बरसात आफत बन गई। कस्बे सहित आसपास के गांवों में पिछले करीब सप्ताहभर से ठहर-ठहर कर हो रही रिमझिम बरसात ने एक और जहाँ क्षेत्र में बिजान की गई खरीफ की फसल उत्पादक किसानों को भरपूर राहत देने का काम किया है, वहीं दूसरी ओर कस्बे के नागरिकों के लिए बरसात आफत बनने लगी है। कस्बे में घरों के गंदे पानी एवं बरसाती पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकांश वार्डों सहित मुख्य बाजार में आवागमन बाधित हो गया।
किसानों को खेती में पर्याप्त लाभ
शुक्रवार दोपहर को हुई बरसात ने लोगों को घरों में ही कैद कर दिया। बरसात का पानी लोगों के घरों में एकत्रित हो गया एवं ग्रामीण दिनभर पानी की निकासी को लेकर जद्दोजहद करते दिखायी दिये। वहीं दूसरी और शुक्रवार को गांव सरदारगढ़, हिन्दों, सरुपसर, जैतसर, बुगिया, आठ बीजीडी, एक से पांच जीबी सहित जीबी क्षेत्र के अन्य चकों व गांवों में भी हुई अच्छी बरसात ने यहां नरमा-कपास का बिजान कर चुके एवं धान की पौधें लगा रहे किसानों को खेती में पर्याप्त लाभ प्रदान किया है।
आवागमन बाधित
क्षेत्र में लगातार हो रही अच्छी बरसात के कारण कस्बे की मुख्य गलियों में बरसात का पानी एकत्रित हो जाने के कारण ग्रामीणों एवं राहगीरों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ बरसात ने ग्रामीणों को गरमी एवं उमस से राहत प्रदान की तो दूसरी ओर कस्बे के बरसाती पानी की निकासी की समस्या की भी पोल खोल दी। मुख्य बाजार से लेकर कस्बे के आंतरिक संपर्क सडक़मार्ग बरसाती पानी से लबालब होने से वार्डवासियों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलमार्ग पर सरुपसर स्टेशन पर बने रेलवे अंडरब्रिज एवं सूरतगढ़-श्रीगंगानगर रेलमार्ग पर गांव आठ बीजीडी एवं बुगिया स्टेशन के नजदीक बने रेलवे अंडर ब्रिज में बरसाती पानी जमा हो जाने से दर्जनभर से अधिक गांवों का उपतहसील मुख्यालय से संपर्क बाधित हो गया।