
श्रीगंगानगर.
शहर में रविवार को महज 19 मिलीमीटर की बरसात ने नगर परिषद के पानी निकासी के इंतजामों के दावों की कलई फिर खोल दी। अब तक यह दावा किया जा रहा था कि पचास से सत्तर एमएम बरसात झेलने के लिए इंतजाम पर्याप्त है लेकिन सिर्फ 19 एमएम की बरसात से शहर के मुख्य मार्ग नहरों के रूप में तब्दील हो गए। इन मुख्य मार्गो के किनारे मुख्य नालों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण राहगीरों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
नालों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण नगर परिषद प्रशासन ने तत्परता दिखाई नहीं। इसका परिणाम यह था कि शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक आवाजाही करने के लिए टैम्पों चालकों ने किराये के दाम एकाएक दुगुने कर दिए। ऐसे में मजबूरन लोगों को अपनी मजबूरीवश जेब ढीली करनी पड़ी। वहीं नगर परिषद अमले के चंद कार्मिक जरूर पानी निकासी के लिए प्रयास करते नजर जरूर आए लेकिन पानी इतना था कि उसे निकालने के लिए उनके पसीने छूट गए। सबसे ज्यादा जल भराव सुखाडिय़ा मार्ग, मीरा मार्ग, गगन पथ, गौशाला मार्ग, रवीन्द्र पथ, पुरानी आबादी के ट्रक यूनियन पुलिया से उदाराम चौक, ताराचंद वाटिका से माइक्रोटावर तक अधिक नजर आया। परिषद प्रशासन ने सुखाडिय़ा पार्क के बाहर एक पंखी और ट्रेक्टर के माध्यम से सुखाडिय़ा मार्ग का पानी वहां डलवा ताकि आवाजाही का रास्ता बहाल हो सके।
पुरानी आबादी वार्ड तीन का गड्ढा ओवरफलो
पुरानी आबादी उदाराम चौक एरिया से बरसाती पानी वार्ड तीन के गडढ़े में जाता है। लेकिन इस गड्ढे की पिछले डेढ़ साल से डिसिल्टिंग नहीं हो पाई र्है। ऐसे में यह गड्ढा ओवरफलो हो चुका है। परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस गड्ढे को साफ कराने के लिए कई बार आयुक्त और सभापति को लिखित और व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया जा चुका है लेकिन कुछ लोगों की ओर से एसीबी में शिकायत करने के कारण इसकी सफाई के आदेश नहीं हो रहे है। ऐसे में पुरानी आबादी का अधिकांश पानी इस गड्ढे में एकत्र करने में अड़चन आ रही है। इधर, गुरुनानक बस्ती के गड्ढे के पास नगर विकास न्यास की ओर से एसटीपी का निर्माण कराया जा रहा है, ऐसे में वहां भी पानी की निकासी में अब अड़चन आने लगी है।
पानी में डूबा भाजपा ऑफिस
मीरा चौक के पास भाजपा का जिला कार्यालय पानी से इतना घिर गया कि वहां तक प्रवेश करने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आया। इस कार्यालय के बाहर कई भाजपाईयों ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए बड़े बड़े होर्डिग्स लगाकर उपलब्धियों का गुणगान कर रखा था। यही स्थिति बिहाणी खेल मैदान के पास कांग्रेस के निर्माणाधीन कार्यालय का था। इस कार्यालय स्थल के बाहर भी पानी ही पानी नजर आया।