अतिक्रमण हटाने के लिए जनहित याचिका लगाकर सुर्खियों में आए पूजा कॉलोनी निवासी वेदप्रकाश जोशी सोमवार को जिला कलक्टर ज्ञानाराम से मिलकर हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करवाने की मांग की।
हाईकोर्ट के आदेश पर शहर में जगह-जगह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई लेकिन अब फिर वहीं अतिक्रमण होने लगे हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए जनहित याचिका लगाकर सुर्खियों में आए पूजा कॉलोनी निवासी वेदप्रकाश जोशी सोमवार को जिला कलक्टर ज्ञानाराम से मिलकर हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करवाने की मांग की। जोशी ने बताया कि जिला कलक्टर ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही संबंधित विभागों की बैठक बुलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। कलक्टर व नगर परिषद आयुक्त को जोशी ने ज्ञापन देकर 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
जोशी ने आयुक्त सुनीता चौधरी से मिलकर अतिक्रमण हटाने की मांग की। जोशी ने कहा कि कोर्ट ने एक साल में अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन, नगर परिषद को पाबंद किया था। दो माह बीत चुके हैं लेकिन शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ नहीं किया गया। शहर में जहां पर पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी वहां दुबारा अतिक्रमण हो रहे हैं। नगर विकास न्यास, नगर परिषद, जल संसाधन विभाग, सावर्जनिक निर्माण विभाग व पुलिस कुछ नहीं कर रही।
'नाली-सड़क का निर्माण हो'
जोशी ने कहा कि जहां अतिक्रमण हटाया जा चुका है, वहां पर सड़क और नाली निर्माण किया जाए। इस पर आयुक्त चौधरी ने कहा कि सीवरेज का तृतीय चरण जल्द शुरू होने वाला है। इसलिए अब सड़क व नाली निर्माण कर राशि व्यर्थ में खर्च नहीं की जाएगी। जोशी ने सभापित के घर के बाहर चबूतरे, सैप्टिक टैंक व ट्रांसफार्मर लगाने पर सवाल उठाए। अतिक्रमण हटाने के दौरान बिजली खंभों को नहीं हटाने पर भी उन्होंने सवाल उठाया।
अतिक्रमण के लिए फिर से तारबंदी
श्रीगंगानगर. महाराजा जस्सा सिंह रामगढि़या मार्ग स्थित कृषि उपज मंडी समिति अनाज के मास्टर प्लान में कुछ भूमि आ रही थी। यूआईटी ने सड़क निर्माण से पहले पूरी दीवार को तोड़ दिया था लेकिन अभी तक सड़क निर्माण नहीं किया गया। लेकिन, शनिवार और रविवार को मंडी समिति ने कुछ जगह फिर से अतिक्रमण करने के लिए तार लगा दी। बंसती चौक निवासी पूर्व पार्षद सुरेंद्र स्वामी का कहना है कि बड़ी मुश्किल से अतिक्रमण हटाया गया था और अब फिर से तारबंदी कर अतिक्रमण की कोशिश की जा रही है।
इन दिनों मंडी में कृषि सीजन चरम पर है। यहां एक डिग्गी बनी हुई, इसकी सुरक्षा की दृष्टि से तारबंदी करवाई गई है। कोई अतिक्रमण नहीं किया जा रहा। मास्टर प्लान में जो भूमि आ रही है वो यूआईटी को सड़क निर्माण के लिए दी जाएगी लेकिन अभी तक यूआईटी ने निशान ही नहीं लगाए।
शिवसिंह भाटी, क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक, कृषि विपणन बोर्ड