
शिक्षा के अधिकार कानून के तहत बालक-बालिकाओं को निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश पाने वाले कई बच्चों और उनके अभिभावकों के चेहरे उस समय मुस्कान आ गई जब लॉटरी में मनपंसद स्कूल में प्रवेश मिल गया। वहीं, कइयों को वरीयता में जगह नहीं मिल पाई। इलाके में आरटीई के तहत प्रवेश पाने के लिए पन्द्रह हजार से अधिक दावेदारों की लॉटरी प्रक्रिया मंगलवार दोपहर जयपुर में ऑनलाइन निकाली गई।
बुधवार को चयनित बच्चों को संबंधित स्कूलों में अपनी उपस्थिति देनी अनिवार्य है। गैरहाजिर रहने वाले बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पाएगा। जिला शिक्षा विभाग के एपीसी (आरटीई) शंभु सिंह मीणा ने बताया कि निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 15056 बच्चों के आवेदन मिले थे, इनको लॉटरी में शाामिल किया गया है। अभी यह नहीं पता लग पाएगा कि किस आवेदक को कौन सा स्कूल मिला है। यह बुधवार से शुरू हो गई स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति के बाद नौ मई को स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आरटीई के दायरे में प्रारभिंक स्तर के 563 और माध्यमिक स्तर के 351 स्कूल शामिल है।