श्री गंगानगर

मापदंडों की अनदेखी कर बना दी सड़कें, बरसात के दिनों में बिगड़ते हैं हालात

चार साल पहले शहर में आई सीवरेज कंपनी ने आनन-फानन में सड़कें खोद कर पाइपें डाल दी।

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broken road

श्रीगंगानगर.

चार साल पहले शहर में आई सीवरेज कंपनी ने आनन-फानन में सड़कें खोद कर पाइपें डाल दी। इसके बाद लोगों ने शोर मचाया तो इतनी तेजी से सड़क निर्माण किया कि गुणवत्ता तो दूर मिट्टी जमाने तक का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजा यह रहा कि पहली बारिश में ही ये सड़कें बैठ गई। शहर के पॉश इलाकों का सत्यानाश हो गया। जवाहर नगर के सेक्टर छह में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। वहां दो साल पहले सीवरेज कंपनी यूईएम ने पाइप लाइनें डाली। इसके बाद सड़कें तो बनाई परन्तु किसी का भी लेवल सही नहीं है। वार्डवासियों ने पार्षद से लेकर यूआईटी अधिकारी को समस्या से अवगत कराया परन्तु समाधान नहीं हुआ।

दो वर्ष से कर रहे कनेक्शन का इंतजार
सीवरेज के लिए पाइप लाइनें डाल दी गई परन्तु कनेक्शन नहीं करने से समस्या बढ़ गई है। सीवरेज लाइन शुरू नहीं होने के कारण मोहल्ले में विकास और निर्माण कार्य ठप हो गए हैं।
-ओमप्रकाश, वार्डवासी, सेक्टर-6 जवाहर नगर, वार्ड 35

विरोध के बावजूद डाल दी छोटी पाइपें
पाइपें डाली जा रही थी तब हमने छोटे साइज की पाइपें डालने का विरोध किया था। हर स्तर पर मुद्दा उठाया गया परन्तु कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।
-बंसत सिंह , वार्डवासी, सेक्टर-6 जवाहर नगर, वार्ड 35

गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा
सीवरेज के काम में गुणवत्ता का ध्यान बिलकुल नहीं रखा गया। पार्षद ने विरोध जताया तो एकबारगी काम रुकवा दिया गया। बाद में अधिकारियों की मिलीभगत से पाइपें दबा दी गई।
-भगवानदास नागपाल, वार्डवासी, सेक्टर-6 जवाहर नगर, वार्ड 35

बारिश में इलाका हो जाता है लबालब
सीवरेज की लाइनें डालने से लाभ तो कुछ नहीं हुआ। उलटे हालात बिगड़ गए। अब बारिश के दिनों में इलाका लबालब हो जाता है। इससे आमजन परेशान है।
चिंकी सचदेवा, वार्डवासी, सेक्टर-6 जवाहर नगर, वार्ड 35

मैं चिल्लाता रहा किसी ने नहीं सुनी
सीवरेज का काम घटिया हुआ है। जिस समय पाइप डाली जा रही थी। मैंने विरोध किया था परन्तु यूआईटी और यूईएम की मिलीभगत से लाइनें बिछा दी गई।
-बालकृष्ण कुलचानिया, पार्षद, वार्ड 35

बिना प्रोग्रेस रिपोर्ट देखे दे दिया ठेका
शहर में पहले चरण के सीवरेज के काम का अनुबंध कांग्रेस सरकार के समय हुआ था। तब सीवरेज कंपनी यूईएम की बिना प्रोग्रेस रिपोर्ट देखे ठेका दे दिया। जिसका परिणाम शहर अब भुगत रहा है।
-संजय महिपाल, चेयरमैन, नगर विकास न्यास, श्रीगंगानगर

Published on:
27 Sept 2017 09:18 pm
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