यात्रियों को मिली राहत, पहले दिन सैकंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर में 581 यात्रियों ने किया सफर
रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक वेदप्रकाश शर्मा के अनुसार श्रीगंगानगर से विशेषतौर पर हरिद्वार जाने वाले यात्रियों की भीड़ बहुत ज्यादा रही। इस गाड़ी में श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन से पहले दिन के लिए 581 यात्री सैकंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर की बुकिंग हुई थी। इससे रेलवे को तीन लाख दो हजार 85 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अलावा इस गाड़ी में सामान्य कोच में यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा थी। गाड़ी पूरी तरह से खचाखच भरी हुई थी।
पीपल पूर्णिमा पर स्नान दान सबसे बड़ा पुण्य
पंडित शिवदयाल शास्त्री के अनुसार स्नान और दान के लिए वैशाख की पूर्णिमा का पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। वैशाख की पूर्णिमा पर गंगानदी, तालाब और सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व है। श्रीगंगानगर जिले की विभिन्न तहसीलों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु हरिद्वार में स्नान के लिए श्रीगंगानगर-ऋषिकेश इंटरसिटी गाड़ी में रवाना हुए हैं। श्रीविजयनगर तहसील क्षेत्र के गांव दो एपीडी निवासी माडू राम ने बताया कि हरिद्वार में पूर्णिमा स्नान के लिए इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में हरिद्वार गाड़ी से बुधवार को रवाना हुए। कुछ श्रद्धालु गुरुवार सुबह भी रवाना होंगे।
श्रीगंगानगर से हरिद्वार के लिए श्रीगंगानगर-ऋषिकेश गाड़ी संचालित की जा रही थी।
श्रींगानगर से हरिद्वार जाने के लिए यात्री सबसे ज्यादा इसी ट्रेन में ही यात्रा करते हैं। लेकिन किसान आंदोलन के चलते करीब एक महीने तक इस ट्रेन का संचालन बंद था। अब आंदोलन की समाप्ति के बाद अब इस रेल सेवा को मंगलवार को बहाल किया गया है। अब इस ट्रेन में सैकंड एसी व थर्ड एसी और स्लीपर तक लंबी प्रतीक्षा सूची चल रही है। वहीं,बीकानेर-ऋषिकेश गाड़ी की भी यही स्थिति चल रही है। इसमें भी स्लीपर,सैकंड एसी व थर्ड एसी में वेटिंग चल रही है।
श्रीगंगानगर से हरिद्वार अस्थियां विसर्जित करने के लिए जाने वाले लोगों को पिछले एक माह से बहुत ज्यादा परेशानी झेल रहे थे। खासतौर से परिजनों का निधन होने पर उनकी अस्थियां विसर्जित नहीं हो पा रही थी। तत्काल में भी लोगों को इन दिनों टिकट नहीं मिल पा रहा है। नतीजा यह है कि शहर के कई श्मशान गृहों पर इस समय भी अस्थियां रखी हुई हैं।