
श्रीकरणपुर.
गांव नग्गी के निकट भारत-पाक सीमा पर तस्करी करने की फिराक में पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। थानाधिकारी विजय मीणा के मुताबिक मौके से भागे दो अन्य में एक इनका सरगना होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि पांच माह पहले व अब हुई दोनों घटनाओं में पकड़े गए आरोपियों ने पंजाब निवासी ‘पहलवान’ नामक व्यक्ति को ही सरगना बताया है। हालांकि इन दोनों का निवास स्थान अलग-अलग बताया गया है। सीआई ने बताया कि पहलवान कोई कोड नाम भी हो सकता है।
पाक सिमकार्ड सहित मिली नेपाली मुद्रा
सीआई विजय मीणा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में गुरमीत सिंह निवासी रायपुर अरानिया (जालंधर) शनिवार को सीमा से महज ३५० मीटर की दूरी पर जीप में संदिग्ध अवस्था में बैठा था। बीएसएफ जवानों की नजर पडऩे पर उन्होंने पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चार अन्य के साथ होने की बात कही। उसकी निशानदेही पर अतर सिंह निवासी कोठा पक्की व सुरेन्द्र सिंह 4 वी बड़ी को पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने समर सिंह निवासी फिरोजपुर व पहलवान निवासी तरनतारण के शामिल होने की बात कही है। सीआई ने बताया कि आरोपियों से पांच मोबाइल, एक पाक मोबाइल सिमकार्ड, २५ रुपए नेपाली मुद्रा, एक अमेरिकन डॉलर व ६९५४ रुपए भारतीय मुद्रा बरामद किए गए हैं।
पहले भी आरोपी था ‘पहलवान’
सीआई ने बताया कि 1१ अप्रेल की रात को भी भारत पाक सीमा पर तारबंदी के साथ-साथ मार्ग पर संदिग्ध पद चिन्ह मिलने पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने कार्रवाई की थी। नग्गी सीमा के निकट तस्करी के 18 पेकेट हेरोइन व 3 चाइना मेड पिस्टल मिलने पर पुलिस व बल ने अभियान के तहत संयुक्त कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण में भी एक आरोपी अभी भी फरार चल रहा है जिसका नाम पहलवान बताया जा रहा है।