
-रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से यात्री परेशान
- दिल्ली, जयपुर और अनूपगढ़-घड़साना मार्ग के यात्री सर्वाधिक प्रभावित
श्रीगंगानगर.
राजस्थान रोडवेज के कर्मचारियों के बुधवार से दो दिन के लिए हड़ताल पर चले जाने से यात्रियों को परेशानी हुई। इस दौरान लोक परिवहन की बसों में काफी भीड़ रही। रोडवेज कर्मियों ने बसों को आगार के वर्कशॉप और स्टैण्ड पर खड़ा कर दिया। वर्कशॉप के आगे कर्मचारी धरने पर बैठ गए। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का सर्वाधिक असर जयपुर, दिल्ली और अनूपगढ़-घड़साना-खाजूवाला मार्ग पर पड़ा।
रोडवेज के कर्मचारियों ने बुधवार सुबह बाहर से आई बसों को स्टैण्ड पर खड़ा कर दिया और इसके बाद किसी भी बस को न तो आने दिया और न ही जाने दिया। रोडवेज कर्मचारी नेता बूटासिंह ने दावा किया कि हड़ताल के चलते गंगानगर आगार की 120 बसों का ***** जाम हुआ है। 50 बसें लम्बे रूट पर गई हुई हैं, जो अब जहां है वहीं खड़ी हैं। 400 कर्मचारियों में से बीएमएस यूनियन से जुड़े लगभग 21 रोडवेज कर्मियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इनमें वर्कशॉप में नौ, कार्यालय में तीन और स्टैण्ड पर नौ कर्मचारी शामिल हैं। बीएमएस से जुड़े रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल में शामिल होने से इंकार कर दिया था। हड़ताल के चलते रोडवेज को बुधवार को लगभग 12 लाख रुपये के राजस्व से वंचित रहना पड़ा।
बसें बदल-बदल कर की यात्रा
राजस्थान रोडवेज की जयपुर रूट पर 20, दिल्ली रूट पर 14 और अनूपगढ़-घड़साना-रावला रूट पर 30 बसों का संचालन किया जाता है। बसों की हड़ताल से इस रूट पर यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। लोक परिवहन की जयपुर के लिए बुधवार सुबह 5.30 व 7.25 पर दो बसें रवाना हुई इसके बाद जयपुर के लिए बस सेवा न होने के कारण यात्रियों को बसें बदल-बदल कर जाना पड़ा। यही स्थिति दिल्ली और अनूपगढ़ रूट की रही। सूरतगढ़-बीकानेर, पदमपुर-रायसिंहनगर और हनुमानगढ़ के लिए दिनभर लोक परिवहन की बसें चलती रहीं।
स्लीपर बसों में अधिक रही बुकिंग
लोक परिवहन बस सेवा यूनियन के अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा जिन्दी ने बताया कि 70 लोक परिवहन बसों को परमिट मिले हुए हैं। ये सभी बसें परमिट के अनुसार चली। यात्रियों से रूटीन का किराया लिया गया। अनूपगढ़-घड़साना-रावला मार्ग पर लोक परिवहन की बसें न होने के कारण यात्रियों को असुविधा हुई। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल की पूर्व घोषणा होने के कारण बुधवार को उन्हीं लोगों ने सफर किया, जिन्हें गंतव्य स्थान पर पहुंचना जरूरी था। जयपुर दिल्ली के लिए चलने वाली निजी स्लीपर बसों में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक बुकिंग हुई। उधर स्टेशन अधीक्षक डीके त्यागी ने बताया कि बुधवार को पैसेन्जर ट्रेनों में 10 प्रतिशत यात्री भार अधिक रहा। यात्री भार को देखते हुए गुरुवार को सादुलपुर जाने वाली पैसेन्जर ट्रेन में एक अतिरिक्त कोच लगाने का निर्णय लिया गया।