
कैसे हुई प्रसूता की मौत बड़ा सवाल : जिला चिकित्सालय में एक सप्ताह में तीन प्रसूताओं की मौत
- सीजेरियन प्रसव हुआ, तबीयत ठीक थी और फिर प्रसूता की मौत हुई
श्रीगंगानगर.राजकीय जिला चिकित्सालय में सोमवार रात्रि को दो प्रसूताओं की मौत हो गई। एक प्रसूता की मौत रक्त की कमी से हुई है जबकि दूसरी प्रसूता की मौत कैसे हुई? इस कारण चिकित्सालय प्रबंधन को पता नहीं। पीएमओ व सर्जन डॉक्टर का तर्क है कि प्रसूता की मौत हुई और जब तक उसका पोस्टमार्टम हीं हो जाता उसकी मौत का कारण पता नहीं चल पाता है। जिला चिकित्सालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पदमपुर के वार्ड नंबर 17 निवासी आरती पत्नी विजय कुमार (24) का सीजेरियन प्रवव हुआ और वह ठीक थी और रात्रि दो बजे सांस की तकलीफ हुई और कुछ समय बाद प्रसूता ने पोस्ट-ऑपरेविट वार्ड में दम तोड़ दिया। प्रसूता के समय पर नर्सिंग स्टाफ ने ऑक्सीजन तक नहीं लगा पाई। इस बीच अमरपुरा राठान निवासी कुसम पत्नी मोहनलाल का सीजेरियन प्रसव हुआ था। इस प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। इसको तुंरत आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इस कारण प्रसूता की एक बार जान बच गई। वार्ड में एक साथ एक प्रसूता की मौत और दूसरी प्रसूता की हालत बिगड़ जाने पर पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड की अन्य प्रसूताएं भी घबरा गई।
नहीं ठहरने देते परिजनों को--चिकित्सालय के पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में प्रसूता की हालत बिगड़ गई। प्रसूता के साथ आई महिला पुरुष परिजन को इधर-उधर तलाश करती रही लेकिन काफी समय वहां पर नहीं मिल पाया। वार्ड में एक अन्य प्रसूता भर्ती थी उसके परिजन दीपक का आरोप है कि चिकित्सालय के गार्ड प्रसूता के साथ आए परिजनों को आस-पास ठहरने नहीं देते हैं। इस कारण रात्रि को प्रसूता की तबीयत बिगड़ जाने पर दिक्कत आई। वह काफी दूर लैट रहा था। जबकि नर्सिंग स्टाफ का तर्क है कि महिलाओं का वार्ड है और पुरुषों वार्ड में रात्रि को निर्धारित समय के बाद आना-जाना प्रतिबंध है। इस संबंध में प्रसूताओं के परिजन सोमवार को प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ.पवन सैनी से मिलकर शिकायत तक की। नर्सिंग स्टाफ पर मरीज की समय पर देखभाल नहीं करने का आरोप भी लगाया।
एक सप्ताह में तीन महिलाओं की मौत
17 जनवरी 2019--सामान्य हालत,प्रसूता की हुई मौत- पीलीबंगा तहसील के गांव रामपुरा निवासी ममता पत्नी नरेश कुमार (20) के बुधवार सुबह प्रसव हुआ। वह सामान्य थी और सही हालत में थी। अगले दिन दोपहर डेढ बजे प्रसूता शौक में चली गई। उसकी तबीयत बिगडऩे लगी तो नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत डॉक्टर मुकेश स्वामी सहित अन्य डॉक्टर की टीम को दिखाया गया। इस बीच प्रसूता को आईसीयू में शिफ्ट तक किया गया लेकिन प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता को आठ जनवरी को चिकित्सालय में साढ़े नौ बजे भर्ती किया किया गया था।
2. 20 जनवरी 2019--रक्त की कमी से प्रसूता ने दम तोड़ा--अनूपगढ़ सीएचसी से रविवार दोपहर एक बजे प्रसूता इंद्रा देवी को रेफर होकर तीन बजे जिला चिकित्सालय पहुंची। प्रसूता की जांच की गई तो रक्त 2.7 ग्राम ही था। एक यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया लेकिन रक्त की कमी से प्रसूता की मौत हो गई। हालांकि महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.अनामिका अग्रवाल सहित अन्य डॉक्टर्स ने प्रसूता को बचाने की कोशिश की गई। लेकिन आखिर में प्रसूता ने शाम छह बजे दम तोड़ दिया।
3. 21 जनवरी 2019-सीजेरियन प्रसव हुआ, दूसरे दिन मौत हुई--राजकीय जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए पदमपुर के वार्ड नंबर 17 निवासी आरती पत्नी विजय कुमार (24) को भर्ती करवाया गया। डॉक्टर ने जांच कर सीजेरियन प्रसव करवाने का निर्णय किया गया। लेकिन रविवार-सोमवार रात्रि को प्रसूता को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हालांकि डॉक्टर को मौके पर बुलाकर एक बार जांच भी करवाई गई। इसके बाद फिर डॉक्टर नहीं आया और महिला को ऑक्सीजन को लेकर भी दिक्कत आई। तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
पत्रिका व्यूं--जिला चिकित्सालय में एक सप्ताह में तीन प्रसूताओं की मौत हो गई। एक प्रसूता की रक्त की कमी से मौत हुई। सवाल उठता है कि जब 19 जनवरी को डॉक्टर ने जांच कर प्रसूता को सीएचसी अनूपगढ़ से रेफर कर दिया था तब श्रीगंगानगर गर्भवती महिला क्यूं नहीं आई? जब उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई फिर क्यूं रविवार को भर्ती करवाया गया। इसके अलावा ममता व आरती का पहला प्रसव था और सीजेरियन प्रसव हुआ। तबीयत ठीक थी और फिर दूसरे दिन इनकी मौत होती है। चित्सिालय प्रबंधन मौत का कारण क्यूं नहीं ढुंढ पा रहा है। यह बहुत ही गंभीर और चिंताजनक बात है।
सीजेरियन प्रसव हुआ,सही थी और मौत हो गई
19 जनवरी को अनूपगढ़ में शिविर था। इसमें राधा नाम की गर्भवती महिला जांच करवाने के लिए आई थी। इसकी जांच करने पर चार ग्राम रक्त व उसके पेट में बच्चा था। उसी समय गर्भवती महिला को जिला चिकित्सालय श्रीगंगानगर रेफर कर दिया था। लेकिन यह महिला जिला चिकित्सालय में प्रसव के बाद
रविवार केा आई। जब आई तो 2.7 ग्राम रक्त था। इस कारण प्रसूता की मौत हो गई। जबकि दो प्रसूताओं का सीजेरियन प्रसव हुआ था और वार्ड में सही थी लेकिन उनकी बाद में मौत हो गई।
-डॉ.मुकेश स्वामी,सर्जन,राजकीय जिला चिकित्सालय श्रीगंगानगर।
एक प्रसूता की मौत रक्त की कमी से हुई है। अनूपगढ़ से रेफर होकर आई थी यहां पर एक यूनिट रक्त तक चढ़ाया गया लेकिन रक्त ही उसके 2.7 ग्राम ही था। एक अन्य प्रसूता का सीजेरियन प्रसव हुआ और उसकी मौत हो गई। जब तक पोस्टमार्टम नहीं होता है कारण का पता नहीं चल पाता है। प्रसूताओं की मौत होना बहुत ही चिंताजनक है। रिव्यू कमेटी की मीटिंग में इस पर विस्तृत चर्चा कर कारण का पता लगाया जाएगा।
डॉ.पवन सैनी,प्रमुख चिकित्सा अधिकारी,राजकीय जिला चिकित्सालय,श्रीगंगानगर।
प्रसूताओं की मौत होना बहुत गंभीर बात है लेकिन हर प्रसूता की मौत होने पर इसकी रिव्यू मीटिंग पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। प्रसूता की मौत का क्या कारण रहे हैं। इसकी बाद जयपुर में भी इस पर विस्तृत चर्चा के बाद प्रकरण का निस्तारण होता है।
-डॉ.अजय सिंगला,आरसीएचओ, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, श्रीगंगानगर।