श्री गंगानगर

Video: हीमो डायलिसिस यूनिट एक फरवरी को होगी शुरू

कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले के किडनी रोगियों के लिए राहत की बात है। अब एक फरवरी को जिला चिकित्सालय में डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी।
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Updated: 25 Jan 2018, 8:04 AM IST
dialysis room
कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले के किडनी रोगियों के लिए राहत की बात है। अब एक फरवरी को जिला चिकित्सालय में डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी।

श्रीगंगानगर.

कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले के किडनी रोगियों के लिए राहत की बात है। अब एक फरवरी को जिला चिकित्सालय में डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। कंपनी मैनेजर रूपेंद्र कुमार ने पीएमओ से मिलकर यूनिट को हैंडओवर करने के लिए आग्रह किया है। हालांकि पीएमओ ने चिकित्सालय प्रभारी और सह-प्रभारी को आदेश जारी कर हीमो डायलिसिस यूनिट चंडीगढ़ की राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को हैंडओवर करने के लिए पाबंद किया है।

उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय प्रबंधन से चंडीगढ़ की राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 20 नवंबर 2017 को पीपीपी मोड पर संचालन करने के लिए अनुबंध हुआ था। कपंनी ने इसके लिए तीन लाख रुपए की बैंक गारंटी तक जमा करवा दी गई है। विभाग से किए अनुबंध के अनुसार हीमो डायलिसिस यूनिट चिकित्सालय की पुरानी शिशु नर्सरी यूनिट में संचालित की जाएगी। राज्य सरकार ने सात जिलों के लिए चंडीगढ़ की राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को हीमो डायलिसिस यूनिट के लिए ठेका दिया गया है। इसमें श्रीगंगानगर,हनुमानगढ़, बीकानेर ,नागौर,जालौर, सिरोही व प्रतापगढ़ जिला शामिल है।

क्या हुआ पहले

राज्य सरकार पहले सरकारी स्तर पर हीमो डायलिसिस यूनिट चालू करवा रहा था। इसके लिए पूरी प्रक्रिया कंप्लीट कर ली गई और पिछले साल जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने इसका निरीक्षण कर चालू करने के आदेश तक दे दिए थे। इसके दो दिन बाद विभाग ने हीमो डायलिसिस यूनिट को पीपीपी मोड पर देने का निर्णय किया। हालांकि इस यूनिट को यहां पर स्थापित करने के लिए आरएमआरएस से पांच लाख रुपए की राशि तक खर्च कर दी गई। दो डॉक्टर और आधा दर्जन नर्सिंग कर्मियों को प्रशिक्षण तक दिलवाया गया।

इनको मिलेगा नि:शुल्क डायलिसिस

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विशेष श्रेणी के रोगियों के लिए हीमो डायलिसिस की सुविधा नि:शुल्क रहेगी। इनमें बीपीएल,महिला,सीनियर सिटीजन,लावारिश,कैदी आस्था कार्डधारी रोगियों को हीमो डायलिसिस की सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी। वहीं,एपीएल रोगियों से 1080 रुपए का भुगतान लिया जाएगा। जबकि प्राइवेट चिकित्सालयों में हीमो डायलिसिस पर तीन से चार हजार रुपए का खर्चा आता है।

सरकारी चिकित्सालय में मिलने वाली हीमो डायलिसिस की सुविधा प्राइवेट चिकित्सालय की तुलना में ना सिर्फ सस्ती होगी,बल्कि इसके लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित स्टाफ ही उपचार करेगा। इसके लिए जिला चिकित्सालय की ओर से निदेशाालय के निर्देश पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया था।

चंडीगढ़ की राही कपंनी के साथ हुए अनुबंध के मुताबिक कंपनी की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सक,टैक्नीशियन व नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था हीमो डायलिसिस यूनिट संचालन के लिए लगाया है। इससे लोगों को डायलिसिस के लिए बीकानेर नहीं जाना पड़ेगा। बीस लाख रुपए की लागत से दो हीमो डायलिसिस मशीनें, मॉड्यूलर वाटर इनलेट फिल्टर,दो मोटराइज्ड बैड, आरओ प्लांट सहित अन्य उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं। इस यूनिट के लिए पुरानी एफबीएनसी यूनिट में उपकरण स्थापित कर दिए हैं।

हीमो डायलिसिस मशीन व अन्य उपकरण हैंड ओवर होने करने के लिए पीएमओ सेआग्रह किया है। यूनिट हैंड ओवर होते ही एक फरवरी को यूनिट शुरू कर दी जाएगी। रूपेंद्र कुमार, मैनेजर,राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी।

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25 Jan 2018, 8:04 AM IST
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