श्री गंगानगर

रोक के बावजूद नेशनल हाइवे पर लगे हैं होर्डिंग्स

इसे सरकारी स्तर पर लचर व्यवस्था का ही परिणाम कहेंगे कि नियम विरुद्ध होने के बावजूद श्रीगंगानगर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर होर्डिंग्स लगे हैं।
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Updated: 22 Jan 2018, 6:58 AM IST
illegel hording
The hoardings

श्रीगंगानगर.

इसे सरकारी स्तर पर लचर व्यवस्था का ही परिणाम कहेंगे कि नियम विरुद्ध होने के बावजूद श्रीगंगानगर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर होर्डिंग्स लगे हैं। खास बात यह है कि इस मार्ग पर होर्डिंग्स लगाने के लिए कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है तथा कोई स्थाई स्थान भी तय नहीं है, लेकिन इसके बावजूद अस्थाई रूप से पोल लगाकर उन पर ये होर्डिंग्स टांग दिए गए हैं। इनमें कुछ होर्डिंग व्यक्ति अथवा संस्थान विशेष से संबंध रखते हैं जबकि कुछ धार्मिक आयोजन से जुड़े हुए हैं। नियमानुसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर पथ के बीच किसी भी प्रकार का होर्डिंग नहीं लगाया जा सकता तथा इसके लिए केवल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ही अधिकृत है, जबकि श्रीगंगानगर में बिना अनुमति भी ऐसे र्होिर्डंग लगाए जा रहे हैं। शहर के बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 62 गुजर रहा है, जिस पर अनगिनत होर्डिंग्स लगे हुए हैं।


नियम विरुद्ध है
अधिवक्ता अरुण बिश्नोई बताते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर होर्डिंग लगाना नियम विरुद्ध है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ही अधिकृत है। इसके अतिरिक्त किसी भी भी तरह का होर्डिंग अथवा अन्य किसी भी प्रकार का विज्ञापन राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाया जाना बिलकुल नियम विरुद्ध है। किसी भी संस्थान को होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं है। इस मार्ग पर होर्डिंग्स लगाने के लिए कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है तथा कोई स्थाई स्थान भी तय नहीं है, लेकिन इसके बावजूद अस्थाई रूप से पोल लगाकर उन पर ये होर्डिंग्स टांग दिए गए हैं।

नहीं लगाए जा सकते होर्डिंग
करीब छह वर्ष पूर्व मंत्री स्तर पर लोकसभा में दिए गए एक प्रश्न के लिखित जवाब में साफ कहा गया था कि सड़क परिवहन मंत्रालय की नीति के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोई विज्ञापन अथवा होर्डिंग नहीं लगाया जा सकता। इसमें जनहित के कुछ चिन्ह लगाने के लिए छूट दी गई है। इसमें बस स्टॉप, हॉस्पिटल के चिन्ह आदि के लिए छूट होने की बात कही गई । इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि कार्यकारी एजेंसियों को इस तरह होर्डिंग हटाने के लिए समय-समय पर निर्देश भी दिए गए हैं।

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