
A teacher engages students in classroom learning at Mahatma Gandhi School, located in Indira Colony, Sri Ganganagar.
श्रीगंगानगर.सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई केवल ब्लैकबोर्ड और चॉक तक सीमित नहीं रहेगी। जिले के 25 से अधिक सरकारी स्कूलों में हाईटेक स्मार्ट क्लासरूम तैयार हो गए हैं, जहां विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक के जरिए आधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ये स्मार्ट कक्ष सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने लगे हैं। मोहनी फाउंडेशन द्वारा एचडीएफसी बैंक के सहयोग से जिले में करीब एक करोड़ रुपए की लागत से यह प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक स्कूल में एक स्मार्ट क्लासरूम विकसित किया गया है, जिस पर लगभग चार लाख रुपए खर्च किए गए। इन कक्षों में स्मार्ट पैनल, 40 विद्यार्थियों के बैठने के लिए आधुनिक फर्नीचर, आकर्षक वॉल पेंटिंग और डिजिटल शिक्षण संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, मटका चौक तथा इंदिरा चौक स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सीनियर सैकंडरी स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम तैयार हो चुके हैं। यहां विद्यार्थियों की डिजिटल माध्यम से पढ़ाई भी शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के तहत एमजीजीएस मिर्जेवाला, एमजीजीएस डोलतपुरा, रा.व.मा.वि. संगतपुरा, रा.व.मा.वि. मटिली राठान, रा.व.मा.वि. 18-जेड, रा.व.मा.वि. मनफूलसिंहवाला, रा.व.मा.वि. 21 एमएल, रा.उ.प्रा.वि. 20 एमएल, एमजीजीएस गणेशगढ़, रा.व.मा.वि. मोहनपुरा, रा.व.मा.वि. 6एफ-1 कोनी, रा.व.मा.वि. कोनी, रा.व.मा.वि. मादेरा, रा.व.मा.वि. कोठा, रा.व.मा.वि. कलिया, रा.उ.प्रा.वि. 1 एच, रा.प्रा.वि. 11 एमएल, रा.व.मा.वि. हिन्दूमलकोट, रा.व.मा.वि. 3-एच छोटी, रा.उ.प्रा.वि. 20-जेड, रा.उ.प्रा.वि. 13-जेड, रा.प्रा.वि. 4 पी कोनी, रा.व.मा.वि. रेनुका, रा.उ.प्रा.वि. 9 एच बड़ा तथा रा.व.मा.वि. 5-जी छोटी सहित कई स्कूल शामिल हैं।
इन स्मार्ट कक्षों की सबसे बड़ी विशेषता ऑफलाइन डिजिटल पोर्टल है। इसमें कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पीडीएफ नोट्स, विषयवार वीडियो और अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। यह कंटेंट स्मार्ट पैनल से जुड़ा हुआ है, जिससे शिक्षक पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बना पा रहे हैं।
शिक्षकों के अनुसार डिजिटल माध्यम से पढ़ाई होने पर विद्यार्थियों की रुचि बढ़ रही है और कठिन विषयों को समझाना भी आसान हो गया है। वहीं विद्यार्थियों को वीडियो और विजुअल कंटेंट के जरिए पढ़ाई का नया अनुभव मिल रहा है। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और नामांकन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित बेहतर शिक्षण सुविधा मिलेगी।
Updated on:
30 May 2026 01:12 pm
Published on:
30 May 2026 01:12 pm
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