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सरहद के गांवों में अब विकास की नई रोशनी, 40 करोड़ से बदलेगी तस्वीर

मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास योजना के तहत जिले के सीमावर्ती गांवों के लिए 40 करोड़ रुपए से अधिक का विकास प्लान जिला स्तर पर स्वीकृत कर दिया गया है।

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A view of the Zila Parishad Office in Sri Ganganagar, the district’s key administrative center for rural development and local governance.

A view of the Zila Parishad Office in Sri Ganganagar, the district’s key administrative center for rural development and local governance.

श्रीगंगानगर.अब सीमा पर बसे गांव सिर्फ चौकसी और सुरक्षा की पहचान नहीं रहेंगे, बल्कि विकास की नई रोशनी से भी चमकेंगे। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के गांवों में वर्षों से अधूरी पड़ी मूलभूत सुविधाओं को अब नई गति मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास योजना के तहत जिले के सीमावर्ती गांवों के लिए 40 करोड़ रुपए से अधिक का विकास प्लान जिला स्तर पर स्वीकृत कर दिया गया है। योजना को अंतिम मंजूरी के लिए पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग, जयपुर भेजा गया है।थार योजना के जरिए बॉर्डर बेल्ट में सडक़, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खेल, कृषि, पशुपालन और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विकास कार्य करवाए जाएंगे। जिला परिषद के अनुसार प्रथम चरण में 40 करोड़ 66 लाख 49 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत 214 निर्माण कार्य होंगे। वहीं दूसरे चरण में 15 करोड़ 22 लाख 81 हजार रुपए की लागत से 67 अतिरिक्त विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

पांच पंचायत समितियों के 842 गांव होंगे लाभान्वित

योजना का लाभ जिले की श्रीगंगानगर, करणपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ और घड़साना पंचायत समितियों के गांवों को मिलेगा। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 10 किलोमीटर दूरी तक स्थित गांवों को प्राथमिकता में रखा गया है। जिले के कुल 842 गांव इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे।

पांच जिलों में लागू होगी योजना

राज्य स्तर पर यह योजना श्रीगंगानगर,बीकानेर, जैसलमेर, फलौदी और बाड़मेर जिलों के कुल 1206 सीमावर्ती गांवों में लागू की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने 120 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहे ग्रामीणों को इस योजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर सडक़ संपर्क, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से गांवों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

वर्जन

सरहदी गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए थार योजना में शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन, पेयजल सहित कई विकास कार्य शामिल किए गए हैं। प्रथम चरण का 40 करोड़ रुपए का प्लान जिला स्तर पर स्वीकृत कर अनुमोदन के लिए पंचायती राज विभाग को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही सीमावर्ती गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।-गिरधर,सीईओ, जिला परिषद, श्रीगंगानगर

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