श्री गंगानगर

शुरू होने से पहले ‘फर्श’ पर आया खेल मैदान

श्रीकरणपुर के राजकीय उमाविद्यालय (हाई स्कूल) का खेल मैदान डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है।
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Updated: 1 Sep 2025, 1:43 AM IST
The playing field came on the 'floor' before the start
श्रीकरणपुर. हाई स्कूल के खेल मैदान पर बने बास्केटबॉल कोर्ट टूटे फर्श का दोबारा निर्माण करते कारीगर।

प्रवीण राजपाल. श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर). स्थानीय राजकीय उमाविद्यालय (हाई स्कूल) का खेल मैदान डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है। तय समय सीमा के मुताबिक यह कार्य करीब एक साल पहले पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन निर्माण इतना धीमा है कि कछुआ भी शरमा जाए। इससे इलाके के खेल प्रेमियों में बड़ी निराशा है। इधर, निर्माण के दौरान बास्केटबॉल कोर्ट का फर्श टूटने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा है। जी हां, खेल व खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ओर से प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी। करीब डेढ़ करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के तहत हाई स्कूल के खेल मैदान पर दो बॉस्केटबॉल कोर्ट, करीब 800 मीटर वॉङ्क्षकग ट्रैक, एक हजार वर्गफीट पर घास मैदान, हाई मास्ट व ट्र्रैक लाइङ्क्षटग आदि निर्माण होना था। विभागीय अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार यह कार्य जून-2024 तक पूरा किया जाना था लेकिन अब अगस्त-2025 पूरा होने को है और निर्माण पूरा नहीं हो सका है। हालांकि, इनमें बॉस्केटबॉल कोर्ट को छोड़ अन्य कार्य लगभग पूरे बताए जा रहे हैं।

खेल से पहले टूटा मैदान का फर्श

जानकारी अनुसार प्रोजेक्ट के तहत दो बास्केटबॉल कोर्ट बनाए गए और करीब छह माह पहले इनका काम पूरा कर लिया गया लेकिन इससे पहले कि यहां कोई खेल होता, इन दोनों मैदानों के फर्श में दरारें आ गई। प्रशासनिक अधिकारियों के मार्फत मामला सामने आने पर विभागीय हरकत में आए और ठेकेदार को 800-800 वर्ग फीट के दोनों मैदानों पर दोबारा मजबूत फर्श लगाने के निर्देश दिए। छह माह बाद भी यह कार्य किया जा रहा है। इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। वहीं, 800 मीटर लंबे फुटपाथ, घास का मैदान और लाइङ्क्षटग कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

गुणवत्ता पर रखी जा रही विशेष नजर

हाई स्कूल में चल रहे काम की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है। उपयोग से पहले ही बास्केटबॉल मैदान का फर्श टूटने पर ठेकेदार को दोबारा निर्माण करने के निर्देश दिए गए। जून-2023 में इस कार्य की वित्तीय स्वीकृति भी आ गई और जून-2024 में यह कार्य पूरा किया जाना था। तय समय पर काम पूरा नहीं करने के लिए ठेकेदार को पेनल्टी लगाई जाएगी।

  • अजयराज, एइएन पीडब्ल्यूडी श्रीकरणपुर।
Updated on:
1 Sep 2025, 1:43 AM IST
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