
दूसरे आरोपी के घर में मिली राशि
श्रीगंगानगर. सूरतगढ़ रोड पर न्यू क्लॉथ मार्केट में एक कपड़े की दुकान के मुनीम से पिछले दिनों लूटे गए ढाई लाख रुपए में से पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद रविवार को दूसरे आरोपी के घर से एक लाख 10 हजार रुपए की नकदी और बरामद की है। दोनों आरोपियों से पुलिस दो लाख दस हजार रुपए बरामद हो चुके हैं। शेष चालीस हजार रुपए की आरोपी शराब पी गए और इधर-उधर खर्च कर दिए। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
जवाहरनगर थाना प्रभारी प्रशांत कौशिक ने बताया कि न्यू क्लॉथ मार्केट में मिड्ढा टैक्सटाइल्स का मुनीम गौरीशंकर 19 मार्च को न्यू क्लॉथ मार्केट के मेन गेट पर बाइक सवार दो युवकों ने मुनीम के हाथ से ढाई लाख रुपए का बैग लूट लिया था। दोनों युवकों ने सिर पर हेलमेट और मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था। झपट्टा मारने के दौरान एक आरोपी ने पिस्तौल भी निकाली थी। इस संबंध में पुलिस ने दुकान संचालक सेतिया कॉलोनी निवासी अरुण मिड्ढा पुत्र कश्मीरीलाल की ओर से एफआईआर दर्ज की थी। एसपी के आदेश पर विशेष टीम गठित कर जांच सौंपी। इस टीम ने आरोपियों हरियाणा के जीन्द जिले के झांझ गांव निवासी अमरजीत (28) पुत्र रामकुमार स्वामी और बहादुरगढ़ गांव के गोविन्द स्वामी (27) पुत्र पवन कुमार स्वामी को गुरुवार को गिरफ्तार किया। जिनको शुक्रवार को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। पुलिस आरोपियों से लूटी गई राशि के बारे में पूछताछ कर रही थी। पूछताछ के बाद आरोपी गोविन्द स्वामी ने बहादुरगढ़ गांव में अपने घर में राशि रखी होने की जानकारी दी। इस पर पुलिस आरोपी को लेकर गांव पहुंची और उसके मकान पर दबिश की कार्रवाई की। यहां से पुलिस ने लूटी हुई ढाई लाख रुपए की राशि में से एक लाख रुपए की नकदी बरामद की। रविवार को पुलिस ने पूछताछ को दूसरे आरोपी अमरजीत की निशादेही पर एक लाख दस हजार रुपए की राशि बरामद कर ली। शेष चालीस हजार रुपए
के बारे में आरोपियों ने बताया कि यह राशि दस दिन की फरारी के दौरान उन्होंने खर्च कर दी। कुछ की शराब पी और इधर-उधर खर्च कर दिया। पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।
अमरजीत पर करीब दस मामले दर्ज, फिर भी बना गार्ड
- थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपी हरियाणा में दुष्कर्म के मामले में आरोपी रहे हैं। वहीं अमरजीत पर हरियाणा में लूट, मारपीट, शराब सहित अन्य धाराओं में करीब दस मामले हैं। इसके बाद भी वह पंजाब के गांव लालडू अम्बाला में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। इसी प्रकार गोविंद भी यहां दुकानों पर मुनीम रहा है। अपने यहां काम पर रखने से पहले लोग पुलिस वैरिफिकेशन नहीं कराते हैं। इसलिए ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। लोगों को चाहिए की अपने यहां काम पर रखने से उस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी हासिल करें और पुलिस को भी इसकी सूचना दें ताकि उसका पुलिस वैरिफिकेशन कराया जा सके।