श्री गंगानगर

जिले में 2,539 जर्जर कक्षा-कक्ष, मरम्मत के लिए मांगे 86.17 करोड़ रुपए

शिक्षा विभाग ने 1955 स्कूलों का किया सर्वे, डेढ़ दर्जन भवन गिराने की सिफारिश
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  • श्रीगंगानगर.झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव के स्कूल की छत गिरने से सात मासूम बच्चों की मौत के बाद श्रीगंगानगर सहित राज्य भर में शिक्षा विभाग जर्जर एवं असुरक्षित स्कूल भवनों का व्यापक सर्वे करवा रहा है। सर्वे में जिले के नौ ब्लॉक के शिक्षण संस्थानों के पीइओ और यूसीडीओ से सीबीइओ के माध्यम से निर्धारित मानकों के आधार पर कुल 16,523 कक्षा-कक्षों का आकलन किया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 2,539 कक्षा-कक्ष पूरी तरह जर्जर हैं, जिनमें विद्यार्थियों को खतरा हो सकता है। इसके अलावा 1,664 कक्षा-कक्ष पट्टी की छत और 1,075 आरसीसी छत वाले हैं। शौचालय की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां 18 शौचालय पूरी तरह जर्जर हैं, जबकि 19 मरम्मत योग्य हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, इन जर्जर कक्षा-कक्षों का तत्काल सुधार होना आवश्यक है। इसके लिए समग्र शिक्षा के तकनीकी अधिकारियों ने 8,617.4 लाख रुपए का एस्टीमेट बनाया गया है। वहीं, जिले के डेढ़ दर्जन स्कूलों के भवन पूरी तरह जमींदोज करने हैं।

यह भी खतरा

  • विद्यालय परिसर में पानी की टंकी, बोरवेल, खुला कुआं, बिजली की चारदीवारी, पानी के खड्ढे और अन्य संरचनाएं भी जर्जर हैं, जिन्हें भी सुधार की आवश्यकता है।

फैक्ट फाइल

  • कुल कक्षा-कक्ष: 16,523
  • सुरक्षित कक्षा-कक्ष: 11,245
  • जर्जर कक्षा-कक्ष: 2,539
  • पट्टी की छत वाले कक्षाएं: 1,664
  • आरसीसी की छत वाले कक्षाएं: 1,075
  • - वृहद मरम्मत के लिए आवश्यक राशि: 8,617.4 लाख रुपए

शौचालय स्थिति

  • सुरक्षित: 17
  • पूर्णतया जर्जर: 18
  • वृहद मरम्मत योग्य: 19

सामग्री एवं संरचनाएं जिन्हें हटाना है

  • पानी की टंकी/टांका: 20
  • बोरवेल: 21
  • खुला कुआं: 22
  • बिजली की तार: 23
  • चारदीवारी: 24
  • पानी के खड्ढे 25
  • अन्य सुरक्षित संरचनाएं: 26
Published on:
31 Jul 2025 12:05 pm