मंगलवार को हुई रिहर्सल में इनकी निर्धारित संख्या भी पूरी नहीं हो सकी। हालांकि, यह कार्यक्रम प्रतियोगिता के रूप में होता है।
श्रीकरणपुर.
जोश, जज्बे व राष्ट्रभक्ति से जुड़े पर्व ‘गणतंत्र’ दिवस को मनाने के लिए उपखंड प्रशासन की सक्रियता व पकड़ क्या है? इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में सबसे महत्वपूर्ण अंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए प्रतिभागी शिक्षण संस्थाओं की सहभागिता इतनी कम हो गई है कि मंगलवार को हुई रिहर्सल में इनकी निर्धारित संख्या भी पूरी नहीं हो सकी। हालांकि, यह कार्यक्रम प्रतियोगिता के रूप में होता है।
और अव्वल प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाता है। वहीं, अन्य विभागों की ओर से किसी प्रकार का सांस्कृतिक या जागरूकता कार्यक्रम ही नहीं है। मेजबान स्कूल ही नहीं ले रहा भाग! राबाउमाविद्यालय में सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम की चयन रिहर्सल में तीन उच्च माध्यमिक स्कूलों का चयन करना था। हैरानी वाली बात है कि इस स्तर के वहां महज एक ही स्कूल (राजकीय बालिका उमाविद्यालय) की छात्राओं ने ही प्रस्तुति दी।
इससे ज्यादा हैरानी तो इस बात है कि सामूहिक कार्यक्रम के लिए मेजबान स्कूल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र ही इसमें भाग नहीं ले रहे। इस बारे में वहां की प्रधानाचार्य रेणु चौहान का कहना था कि स्कूल के अन्य कार्यों में व्यस्तता के चलते तैयारी नहीं करवाई जा सकी।
एसडीएम के निर्देश हुए हवा...
जानकारी अनुसार कस्बे में सरकारी व निजी को मिलाकर १५ उच्च माध्यमिक, १४ उच्च प्राथमिक विद्यालय, ५ प्राथमिक स्कूल व ६ महाविद्यालय है। शिक्षण संस्थाओं की संख्या देखते हुए सामूहिक गणतंत्र दिवस समारोह के लिए एसडीएम मुकेश बारैठ ने 18 जनवरी को बैठक कर उच्च माध्यमिक वर्ग के 3, मिडिल वर्ग के 3, प्राथमिक स्तर के 2 स्कूलों तथा महाविद्यालय के दो कार्यक्रम रखने का निर्णय दिया था। लेकिन चयन रिहर्सल में महज एक उच्च माध्यमिक, चार मिडिल (एक सरकारी तीन निजी), तीन प्राथमिक (दो सरकारी एक निजी) व दो महाविद्यालय पहुंचे।
‘देशभक्ति से जुड़े राष्ट्रीय पर्व में भाग लेने के लिए शिक्षण संस्थाओं को खुद ही आगे आना चाहिए। बैठक कर इस संबंध में निर्देश दिए थे। वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।’ मुकेश बारैठ, एसडीएम श्रीकरणपुर।