श्री गंगानगर

पाक जाने वाला पानी इस बार मिलेगा गंगनहर को

बारिश के मौसम में हुसैनीवाला हैडवक्र्स से पाकिस्तान जाने वाला पानी इस बार गंगनहर के अलावा पंजाब की मुख्य ईस्टर्न कैनाल को भी मिलेगा। पंजाब जल संसाधन विभाग ने इसके लिए हुसैनीवाला हैडवक्र्स से निकाली गई पुरानी बीकानेर कैनाल की साफ-सफाई करवाई है।

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बेड में खड़े झाड़-झंखाड़ की सफाई के बाद पुरानी बीकानेर कैनाल।

-पंजाब ने हुसैनीवाला से आरडी 45 तक पुरानी बीकानेर कैनाल की करवाई सफाई
श्रीगंगानगर. बारिश के मौसम में हुसैनीवाला हैडवक्र्स से पाकिस्तान जाने वाला पानी इस बार गंगनहर के अलावा पंजाब की मुख्य ईस्टर्न कैनाल को भी मिलेगा। पंजाब जल संसाधन विभाग ने इसके लिए हुसैनीवाला हैडवक्र्स से निकाली गई पुरानी बीकानेर कैनाल की साफ-सफाई करवाई है। नहर के तल और दोनों किनारों पर खड़े झाड़ झखाड़ को भी मशीनों की मदद से उखाड़ दिया गया है। बारिश के मौसम में सतलुज और व्यास नदियों का पानी बड़ी मात्रा में हरिके हैडवक्र्स से हुसैनीवाला हैडवक्र्स होते हुए पाकिस्तान जाता है। हरिके हैडवक्र्स से निकलने वाली इंदिरा गांधी नहर और फिरोजपुर फीडर के क्षतिग्रस्त होने से इनकी जल ग्रहण क्षमता घटी है। ऐसे में इन नहरों में पानी लेने की बजाय हरिके हैडवक्र्स से पानी डाउन स्ट्रीम में हुसैनीवाला हैडवक्र्स की तरफ छोड़ दिया जाता है जो बाद में पाकिस्तान चला जाता है।

पानी का होगा उपयोग

पुरानी बीकानेर कैनाल पर चल रहे साफ-सफाई के काम का निरीक्षण करने गए गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविन्द्र सिंह गिल ने बताया कि हुसैनीवाला हैडवक्र्स से आरडी 45 तक पुरानी बीकानेर कैनाल के तल की सफाई का काम पूरा हो चुका है। बारिश के मौसम में पुरानी बीकानेर कैनाल में 1500 से 2000 क्यूसेक पानी लिया जा सकेगा। पाकिस्तान जाने वाले इस पानी को आरडी 45 पर गंगनहर और पंजाब की मुख्य ईस्टर्न कैनाल को दिया जाएगा। किस नहर को कितना पानी देना है, यह पंजाब तय करेगा। किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल ने बताया कि पुरानी बीकानेर कैनाल की जल ग्रहण क्षमता 2700 क्यूसेक है। इसमें 3000 क्यूसेक तक पानी लिया जा सकता है। सहगल ने बताया कि इस योजना से राजस्थान और पंजाब दोनों राज्यों के किसानों को फायदा होगा।

बेड की मरम्मत हुई

पिछले साल बारिश के दिनों में हरिके हैडवक्र्स से ज्यादा पानी आने से हुसैनीवाला हैडवक्र्स के गेट का बेड क्षतिग्रस्त हो गया था। पानी की आवक ज्यादा होने से क्षतिग्रस्त बेड की मरम्मत नहीं हो पाई थी। पंजाब जल संसाधन विभाग ने अब पानी की आवक कम होने पर क्षतिग्रस्त बेड की मरम्मत करवा दी है।

खखां हैड तक बर्म कटिंग

गंगनहर प्रोजेक्ट के चेयरमैन गिल ने बताया कि पुरानी बीकानेर कैनाल का निरीक्षण करते समय उनकी पंजाब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से आरडी 45 से खखां हैड तक गंगनहर पर बर्म कटिंग का काम करने के बारे में बात हुई है। इस काम के लिए पंजाब को भुगतान कर दिया जाएगा। जरूरत पडऩे पर चलती नहर में बर्म कटिंग का काम करने वाली मशीनें भी उपलब्ध करवा दी जाएगी।

Published on:
16 May 2024 12:33 am
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