श्री गंगानगर

श्रीगंगानगर की नगर परिषद नंदीशाला में गायब मिले दो सौ पशु, जांच रिपोर्ट से मची खलबली

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Two hundred animals missing in the Nandshi Nagar council ofiganganar
श्रीगंगानगर की नगर परिषद नंदीशाला में गायब मिले दो सौ पशु, जांच रिपोर्ट से मची खलबली

श्रीगंगानगर। नगर परिषद की नंदीशाला में दो सौ पशु एकाएक कम हो गए, यह खुलासा जिला कलक्टर की ओर से की जांच में सामने आया है। पिछले डेढ़ साल से मिर्जेवाला रोड पर नगर परिषद की ओर से नंदीशाला का संचालन किया जा रहा है।

शहर के आवारा पशुओ को पकडऩे का अभियान शुरू कर नंदीशाला में रखवाए गए थे। तब परिषद के अधिकारियों ने दावा किया था कि नंदीशाला में 678 पशुओं को रखा जा रहा है। इन गौवंश के नाम पर हरे चारे और तूड़ी की व्यवस्था तक कराई गई थी। लेकिन पिछले महीने जब इस नंदीशाला में तीन दिन में बारह पशुओं की एकाएक मौत के मामले का उजागर हुआ तो जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने जांच के आदेश दे दिए। इस जांच में अब पशुओं की गणना की तो वहां 678 पशुओं की बजाय 478 पशु पाए गए।

नंदीशाला के प्रभारी और नगर परिषद के राजस्व अधिकारी जुबेर खान ने इस गणना की रिपोर्ट तैयार कर जांच अधिकारी एसडीएम सौरभ स्वामी के समक्ष पेश की है। इस जांच रिपोर्ट से पहले जांच अधिकारी ने नगर परिषद के लेखाकार मदनलाल डूडी को निलम्बित कर दिया है।

राजस्व अधिकारी खान की माने तो पहले सिर्फ अंदाजे से ही पशुओं की संख्या तय की गई थी, इस कारण यह गड़बड़ी लगातार हो रही थी। दो सौ पशुओं में से यदि पचास मरे भी है तो डेढ़ सौ पशुओं के नाम से चारे और तूड़ी की कौन खा रहा था, यह जांच का विषय है। लेकिन इतना है कि यह गड़बड़ी अकेले एक व्यक्ति की नहीं है। आयुक्त अशोक असीजा ने बताया कि पूर्व में क्या हुआ और क्या नही, यह हमे पता नहीं।

लेकिन अब कलक्टर की जांच के आधार पर एक एक पशुओं की गणना कराई तो यह हकीकत सामने आई है। इस बीच कलक्टर के पास पशुओं के नाम पर ही गड़बड़ी की शिकायतों के बाद नंदीशाला में रखे जा रहे इन पशुओं को टैग लगाने के आदेश किए है।

पशुपालन विभाग से इन पशुओं के टैग लगाने के लिए अधिकृत किया है। वहीं आयुक्त को यह भी आदेश किया गया है कि नंदीशाला में रखे जा रहे पशुओं में से करीब साढ़े चार सौ पशुओं को जिले की विभिन्न गौशालाओं में शिफट किया जाएगा। शिफ्ट करने की प्रक्रिया इसी सप्ताह पूरी होने के आदेश किए गए है।

वहीं शहर में घूम रहे आवाराश पशुओं को पकडकऱ नंदीशाला में रखा जाएगा।उधर, पार्षद डा.भरतपाल मय्यर ने जिला प्रशासन से पिछले एक साल से दो सौ पशुओं के नाम से चारे का बजट उठाव करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के नाम उजागर करते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की है।

Updated on:
21 Jan 2019 06:22 pm
Published on:
21 Jan 2019 06:22 pm