नई धान मंडी की जस्सासिंह रामगढिय़ा मार्ग वाली साइड की तोड़ी गई दीवार राज्य सरकार को लगभग सवा साल बाद याद आई है।
श्रीगंगानगर.
नई धान मंडी की जस्सासिंह रामगढिय़ा मार्ग वाली साइड की तोड़ी गई दीवार राज्य सरकार को लगभग सवा साल बाद याद आई है। इस बारे में दो दिन पहले जारी मीटिंग नोटिस की प्रति 'राजस्थान पत्रिकाÓ के हाथ लगी है। इसमें प्रथम दृष्टया माना गया है कि नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने 'धक्काशाहीÓ की। संयुक्त शासन सचिव डॉ. एसपी सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस नोटिस में लिखा है कि 6 जून, 2016 को बिना किसी विधिक कार्यवाही के मंडी समिति के स्वामित्व की भूमि पर निर्मित चारदीवारी को ध्वस्त किया गया। अब समिति एवं यूआईटी के मध्य उपजे विवाद के निस्तारण के लिए 4 अक्टूबर को जयपुर में प्रमुख शासन सचिव (कृषि) की अध्यक्षता में बैठक रखी जा रही है। इसमें जिला कलक्टर, कृषि विपणन विभाग के निदेशक, यूआईटी के सचिव एवं मंडी समिति के सचिव को बुलाया
गया है।
उल्लेखनीय है कि यूआईटी ने मंडी की मुरब्बा लाइन से 60 फीट जगह को एक तरह से अतिक्रमण मानते हुए हटाने का कहा था। इस पूरी जगह को लिया जाता है तो मंडी के थर्ड ब्लॉक की दुकान नम्बर 227 से 272 तक के गोदाम करीब 15 फीट टूटेंगे। मंडी परिसर में गेट नम्बर 4 के पास पेट्रोल पम्प के लिए भी भूमि चिन्हित की हुई है, यह जमीन एवं मंडी के ऑक्सीडेशन पौण्ड, पम्प रूप की भूमि भी जाती है। पूर्व राज्य मंत्री राधेश्याम गंगानगर के परिवार को इस जगह आवंटित पेट्रोल पम्प का मामला अलग से चल रहा है। मंडी के चार नम्बर गेट का लोकार्पण 25 अप्रेल 2011 को तत्कालीन कृषि विपणन राज्य मंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर ने किया था। मंडी की ध्वस्त की गई दीवार की जगह अस्थाई ताराबंदी करवाई गई है, मलबा नाले में एवं आस-पास अभी तक बिखरा हुआ है। इस रास्ते से चोरी की आशंका रहती है, बेसहारा गाोवंश भी मंडी के अंदर आते हैं।
मंडी समिति की दीवार को ध्वस्त करने की कार्यवाही गलत की। ऐतराज भी जताया था लेकिन गौर नहीं किया गया।
रमेश खदरिया, अध्यक्ष, दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन
जयपुर में होने वाली बैठक में मंडी समिति अपना पक्ष रखेगी।
रमेश कुक्कड़, सहायक सचिव, कृषि उपज मंडी समिति (अनाज)
यूआईटी की ओर से की गई कार्यवाही की जानकारी बैठक में दी जाएगी। न्यास एवं मंडी समिति, दोनों ही सरकार के विभाग हैं।
कैलाशचंद्र शर्मा,
सचिव, नगर विकास न्यास