केसरीसिंहपुर नगरपालिका क्षेत्र में ठेकेदार मनमर्जी बना रहे सड़कें, छह माह से नहीं है जेईएन, अध्यक्ष और ईओ को लोग कर रहे शिकायतें
केसरीसिंहपुर। नगरपालिका क्षेत्र में सड़कें तो बन रही हैं लेकिन सड़कें कितने दिन तक साथ देगी। इसकी कोई गारंटी नहीं है। भले में ही यह बात सुनने में अटपटी लगे लेकिन केसरीसिंहपुर नगरपालिका क्षेत्र में ऐसा ही हो रहा है। दरअसल, नगरपालिका में कनिष्ट अभियंता (जेईएन) का पद पिछले छह माह से रिक्त है। इन छह माह के दौरान शहरी क्षेत्र के वार्डों में जितनी भी सड़कें बनी हैं वह बिना किसी देखरेख और मापदंड के ही बनी है। ऐसे में ठेकेदार अपनी मनमानी से ही निर्माण कार्य करवा रहे हैं।
हैरानी की बात यह भी है कि नगरपालिका में कर्मचारियों की कमी के चलते दफ्तर के कार्यों के लिए जनता को भारी परेशानी से गुजरना पड़ता है व अधिकांश कार्य संविदाकर्मी ही संभाल रहे हैं। वहीं लोगों की शिकायतों पर पालिका अध्यक्ष कालूराम बाजीगर भी कह देते हैं कि बिना जेईएन के तो काम ऐसे ही चलेंगे। जानकारी अनुसार जेईएन सिद्धार्थ जांदू फिल्हाल नगर परिषद श्रीगंगानगर में तैनात हैं, उन्हें यहां का चार्ज दिया गया है लेकिन वे भी यहां नहीं आते। ऐसे में जब सड़कें बनती हैं तो कोई पालिका की तरफ से कोई मौजूद नहीं रहता।
इसके अलावा नगरपालिका में निर्माण संबंधी कार्य और स्वच्छ भारत अभियान में शौचालय सहित कई योजनाएं सिरे नहीं चढ़ पा रही है या अधूरी पड़ी है। लोग पालिका के चक्कर भी काटते हैं पर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। न कोई मापदंड, न जांच परख वर्तमान में बन रही सड़कों का कहीं कोई मापदंड है न कोई जांच परख। निर्माण के समय पालिका प्रशासन की ओर से इनकी देखरेख करने वाला मौके पर कोई नहीं होता। कितनी और कैसी निर्माण सामग्री उपयोग में लेनी है, यह ठेकेदार की मर्जी पर निर्भर करता है।
सड़कों-नालियों का लेवल सही नहीं होने व उपयोग में ली जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल भी जनता उठा रही है। वहीं सोशल मीडिया पर भी कई तरह की बातें उठ रही है। कस्बे में बनी सीसी सड़कों में भी अनियमितता साहित तकनीकी दिक्कतों के चलते लोगों ने इसकी शिकायत पालिका ईओ और अध्यक्ष को की है लेकिन जवाब यही मिलता है कि जईएन नहीं है। ये बोले जिम्मेदार नगरपालिकाध्यक्ष कालूराम बाजीगर ने बताया कि सरकार में कही सुनवाई ही नहीं हो रही।
उच्चाधिकारियों को लिखित व मौखिक अवगत करवा चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। लोग मुझे शिकायतें करते हैं। इसका सामधान होना चाहिए नहीं तो सड़कें सही मापदंड से नहीं बनेंगी और सरकार को ही घाटा होगा। ईओ बोले- ईओ नरेश रस्सेवट ने बताया कि जेईएन नहीं होने के कारण पालिका के कई आवश्यक कार्य प्राभावित हो रहे हैं। निविदाएं वगैरह जारी करने में देरी हो रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय सहित कई निर्माण नहीं हो पा रहे हैं। लोगों की शिकायतें आ रही हैं लेकिन पद नहीं भरा जा रहा है।