फोर्स नहीं मिलने से बंद था अभियान, गौरव पथ निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमण हटाए
केसरीसिंहपुर। करीब डेढ़ माह से बंद पड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान गुरुवार को फिर से शुरू हुआ। लंबे समय बाद अतिक्रमण तोडऩे के साथ ही पालिका के दस्ते को विरोध का सामना भी करना पड़ा हालांकि प्रशासनिक टीम और पुलिस बल की मौजूदगी होने से अतिक्रमण आसानी से तोड़े गए। लोगों में इस बात को लेकर रोष था कि पालिका अतिक्रमण तोडऩे में भेदभाव बरत रही है। इसी के चलते डेढ़ माह पूर्व वार्ड 11 धानक बस्ती के लोगों ने विरोध जताकर अतिक्रमण अभियान को बंद करवा दिया था।
इसे देखते हुए नगर पालिका ने भी इसे स्थगित रखा। फिर से शुरू हुए अभियान के तहत कस्बे के चुंगी नाका नंबर 3 से शुरू हुआ कब्जे तोडऩे का क्रम रेलवे फाटक तक जारी रहा। इस दौरान सड़क की चौड़ाई 50 फीट तक मानते हुए लाल निशान पूर्व में ही लगा दिए थे। शेष जगह पर बने पक्के अतिक्रमण दो जेसीबी की सहायता से ध्वस्त किए गए। इस मौके पर नायब तहसीलदार ओपी मीणा, थाना के बुधराम, भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
वहीं पालिका अधिशासी अधिकारी नरेश कुमार रस्सेवट, कनिष्ठ अभियंता सिद्धार्थ जांदू के साथ नगर पालिका प्रशासन के सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। हालांकि इस मार्ग पर कई लोगों ने खुद ही अपने अतिक्रमण हटा लिए थे लेकिन फिर भी जो कब्जे गौरव पथ निर्माण में बाधा बन रहे थे उन्हें हटाया गया। वहीं अभियान शुरू होने के साथ ही कुछ लोग फिर से खुद ही अपने घरों को तोडऩे दिखाई दिए।
यूं आती रही परेशानी दर परेशानी
नगरपालिका कार्यालय से लेकर रेलवे फाटक तक बनने वाले गौरव पथ के बीच में आने वाले अतिक्रमण हटाने में पालिका को भारी मशक्कत करनी पड़ी है। गौरव पथ निर्माण तो शुरू कर दिया था। कभी घटिया निर्माण और कभी दोनों तरफ बनने वाली नाली को लेकर कई बार सवाल उठने के कारण काम बीच में रोकना पड़ा। वहीं लोगों के विरोध के चलते भी अतिक्रमण हटाने का काम रुक गया।
फोर्स नहीं मिलने के कारण बंद था अभियान
करीब डेढ़ माह बाद फिर से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है। पहले पर्याप्त फोर्स नहीं मिल रही थी। किसान आंदोलन सहित अन्य कारणों से फोर्स उपलब्ध नहीं हो पाई थी। अब अभियान निरंतर जारी रहेगा। हाई कोर्ट के आदेश व कस्बे में बनने वाले गौरव पथ के लिए अतिक्रमण हटाने बेहद जरूरी थे।