
सूरतगढ़ थर्मल। टिब्बा क्षेत्र के 54 गांवो को सिंचाई हेतु पानी देने के लिए एटा सिंगरासर माईनर निर्माण की मांग को लेकर चल रहे टिब्बा क्षेत्र संघर्ष समिति के आंदोलन के तहत थर्मल घेराव एवम अनिश्चित कालीन धरने की घोषणा के मद्देनजर सोमवार को सैकड़ो किसान निर्माणाधीन 660-660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल इकाईयो के नजदीक धरना शुरू कर दिया।
बेरिकेट्स के पास धरने पर बैठे किसान नेता ओम् राजपुरोहित, राजू जाट, जसराम बुगालिया आदि को पुलिस प्रशासन द्वारा जबरदस्ती हताने की कोशिश में संघर्ष समिति के नेताओ एवम पुलिस प्रशासन में धक्का मुक्की हुई। इससे पहले टिब्बा क्षेत्र के गांवो से किसानों के काफिले ट्रेक्टर ट्रॉली, पिकअप, आदि वाहनों से नारेबाजी करते हुए थर्मल के नजदीक के गांव ठुकराणा की गुआड मे एकत्रित हुए।
इसके पश्चात किसानो का काफिला थर्मल मार्ग मर एकत्रित हुए एवम दोहर 1 बजे के करीब सैकड़ो किसान नारे लगाते हुए ठुकराणा से निर्माणाधीन सुपर क्रिटिकल इकाईयो की तरफ रवाना हुए। आगे बढ़ते किसानों को रोकने की कोशिश में एकबारगी तनाव की स्थिति बन गई। सुपर क्रिटिकल इकाईयो के नजदीक लगे बेरिकेट्स के पास धरने पर बैठे किसान नेताओ को जबरन पुलिस द्वारा हटाने पर किसान नेताओ एवम पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई।
बाद में किसान नेताओ की समझाईश के बाद किसान नेता बेरिकेट्स के पास हटे। पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने बताया कि बजट सत्र को देखते हुए थर्मल के पास अनिश्चित कालीन धरने पर बैठेंगे। 12 तारिख को बजट पेश होने से पूर्व 11 फरवरी को महापड़ाव होगा। उन्होंने कहा कि इस दिन क्षेत्र के गांव के गांव खाली होकर थर्मल का धेराव करेंगे। और आर या पार की लड़ाई होगी। तब तक किसानों का अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेंगें।