6 नवम्बर को नहरी विभाग के एस सी का किया जाएगा घेराव
अनूपगढ़। क्षेत्र की प्रमुख समस्या सिंचाई पानी की कमी किसानों के लिए एक बार फिर चिंता का कारण बनती जा रही है। वर्तमान में नहरों को 4 में से 2 के समूह में चलाया जा रहा है। लेकिन 8 नवम्बर के बाद विभाग इस रेग्युलेशन में पानी की कटौती कर 3 में से 1 समूह में चलाने की योजना बना रहे है। वर्तमान समय रबी की फसल के लिए उपयुक्त समय है इस समय खेतों को पर्याप्त पानी चाहिए जिससे पर्याप्त समय मे फसलों की बिजाई हो सके, लेकिन पानी के आगामी रेग्युलेशन से किसानों को उचित समय मे बिजाई तथा फसल का पकाव होता नजर नही आ रहा है जिससे किसानों में सरकार के प्रति रोष व्यापत है।
वीरवार को गांव समेजा में किसानों की एक बैठक का आयोजन किया गया , बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में आईजीएनपी के प्रथम चरण में 8 नवम्बर से मार्च माह तक चार में से दो समूह में पानी देने की मांग को लेकर 6 नवम्बर को सिंचाई विभाग के एस ई कार्यालय का घेराव का निर्णय लिया गया। बैठक में सलेमपुरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सम्पर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। किसान नेता श्योपत मेघवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि डैम में पूरा पानी होने के बाद भी राज्य सरकार व सिंचाई विभाग इलाके को उजाड़ना चाहती हैं।
डेम में 1375 फीट लेवल के बावजूद यदि गेंहू के बीजान के लिये पूरा पानी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डैम में इतना पानी होने के बावजूद सरकार और विभाग फसलों के लिए किसानों को पानी उपलब्ध नही करवा पा रहे है तो कब करवाएंगे, यदि समय रहते किसानों को पूरा पानी नही दिया गया तो रावला घड़साना जैसे हालात पैदा हो जाएंगे जिसकी जिम्मेदार भी वसुंधरा सरकार होगी। बैठक में किसानों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकारें पानी की मात्रा सीमित होने के बावजूद नहरों की लंबाई बढ़ा रही है। जिससे प्रथम चरण के किसानों को नुकसान हो रहा है।