क्षेत्र में वर्तमान में डीएपी व यूरिया खाद की भयंकर कमी चल रही है। जिसके चलते किसान वर्ग काफि परेशान नजर आ रहा है।
बीरमाना. क्षेत्र के किसानो को मांग के अनुरूप खाद नही मिलने से किसानो में भारी रोष व्याप्त है। वही सरकार युरिया खाद मांग के अनुरूप उपलब्ध करवाने में नाकाम रही है। किसानो को स्थानीय ग्राम सेवा सहकारी समितियां खाद उपलब्ध नही करवा पा रही है। गांव की ग्राम सेवा सहकारी समिति में पिछलें दिनो 1500 बैग युरियां पहुची जिसके वितरण के बाद अब किसानो को खाद नही मिल पा रही है।
किसान हरीश, इन्द्राज, राजकुमार, बाबूलाल, भीयाराम, रणजीत, भोमाराम, भूराराम, ईमीचन्द, सुभाष, गणपत, आसाराम आदि का कहना है कि युरिया खाद के नही मिलने से फसले विशेषकर गेंहू, जौ, सरसौ की फसले खराब हो रही है। वहीं वर्तमान में नहरो में पानी चल रहा है ओर किसानो की पानी की बारियां भी है। लेकिन इन किसानो को बिना युरिया खाद के ही पानी फसलो में लगाना पड़ रहा है।
इन पंचायतो की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में युरिया नही
सूरतगढ तहसील की ग्राम पंचायत बीरमाना, हरदासवाली, मालेर, गोपालसर, रघुनाथपुरा, गोविंदसर , गुड़ली , भोपालपुरा , राजियासर, मोकलसर आदि की ग्राम पंचायत की सहकारी समितियो में युरियां खाद पिछलें दिनो से खत्म है।जिस कारण इन ग्राम पंचायतो के लगभग 70 से 80 गांव व चको के किसानो को खाद नही मिल रही है।
खरीदनी पड़ रही है ऊंचे दामों में खाद
ग्रामीण क्षेत्र के किसानो को वर्तमान में नीजी दुकानदारो से पंजाब हरियाणा से लायी हुई ।युरिया खाद प्रति बैग 350 से 370 रूपये प्रति बैग के देने पड़ रहे है। बीरमाना ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक मुखराम स्वामी का कहना है कि हमारी समिति को सात दिनो में करीब 5000 बैग खाद की जरूरत थी लेकिन श्रीगंगानगर रेकं लगने से हमे केवल 1850 बैग ही खाद मिली 20 प्रतिशत खाद मिलने से तुरंत खाद का वितरण हो गया क्षेत्र अधिक होने से यह परेशानी हो रही है।
Video: जाम से परेशान हर आम