श्रीकरणपुर पंचायत समिति में हुआ हंगामा, सरपंचों ने बीडीओ पर लगाया दुव्र्यवहार का आरोप, एसडीएम को सौंपी शिकायत
श्रीकरणपुर. बीडीओ से मिलने गए सरपंचों से कथित रूप से दुव्र्यवहार होने पर सोमवार को पंचायत समिति में माहौल गरमा गया। इस दौरान सरपंचों व बीडीओ के मध्य जमकर तकरार भी हुई। मामले में सरपंचों ने एसडीएम को ज्ञापन देने के साथ पंचायतराज मंत्री, खान राज्यमंत्री, जिला कलक्टर व सीईओ को भी शिकायती फैक्स भेजा। बीडीओ ने दिखाई ‘अफसरी’ सरपंच यूनियन की अध्यक्ष किरणपालकौर खोसा के पति लखवीर खोसा एससीएसटी सरपंच यूनियन के अध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल ने बताया कि मनरेगा टेंडर संबंधी किसी बात को लेकर लगभग ३० सरपंच दोपहर करीब दो बजे पंचायत समिति पहुंचे।
पंचायत समिति सभागार में मौजूद बीडीओ को बात सुनने के लिए बाहर आने के लिए कहा। खोसा ने बताया कि बीडीओ ने ‘अफसरी’ दिखाते हुए मिलने से पहले सूचना देने की बात कही। वहीं, अशोभनीय तरीके से बात करते हुए मिलने से इनकार कर दिया। खोसा ने बताया कि इसे लेकर सभागार के बाहर खड़े करीब ३० ग्राम पंचायतों के सरपंच नाराज हो गए। खोसा ने कहा कि ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी (सरपंचों) के साथ ऐसा अभद्र व्यवहार कतई बर्दाशत नहीं किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया का विरोध जताने गए थे सरपंच
एससीएसटी सरपंच यूनियन के अध्यक्ष मेघवाल ने बताया कि मनरेगा के तहत निर्माण सामग्री की आपूर्ति को लेकर प्रस्तावित टेंडर प्रक्रिया के संबंध में सरपंच यूनियन की बैठक गुरुद्वारा नानक दरबार में हुई। इसमें उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के करीब नौ माह बीतने के बाद आगामी महज तीन माह के लिए की जा रही टेंडर प्रक्रिया का विरोध जताया था। इसी के संबंध में सूचना देने के लिए बीडीओ से मिलने गए थे। लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी। टेंडर प्रक्रिया के बहिष्कार को लेकर बाद में एसडीएम को ज्ञापन सौंपना पड़ा।
‘आवास योजना की प्रगति जानने के लिए पंचायत समिति सभागार में बैठक थी। इसमें योजनान्तर्गत लाभार्थी, ग्राम सचिव व अन्य कार्मिकों को बुलाया गया था। इस चलती बैठक के दौरान सरपंचों ने मुझसे बैठक करने की बात कही। ऐसी स्थिति में पहले से चल रही बैठक छोडऩा अनुचित था। तो मिलने से पहले सरपंचों को सूचना देने की बात जरूर कही। लेकिन उनसे किसी तरह का दुव्र्यवहार नहीं किया गया।’