- सिनेमा हॉल में अब फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं - दिल है हिन्दुस्तानी
श्रीगंगानगर. सिनेमा को लेकर तरह-तरह की बातें होती रही हैं, सामान्यत: लोग इसे नकारात्मक दृष्टिकोण से ही देखते हैं लेकिन श्रीगंगानगर के सिनेमा मालिकों की बात कुछ अलग है। भले ही वे फिल्मी दुनिया में खोए रहते हों लेकिन राष्ट्रभक्ति के मामले में किसी से कम नहीं है। इसकी पुष्टि हुई गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजाने की अनिवार्यता समाप्त करने के निर्णय के बाद। भले ही सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया हो लेकिन शहर के सिनेमा संचालकों का मानना है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया लेकिन यदि इसे जारी भी रखा जाए तो क्या बुरा है।
आखिर इससे लोगों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना ही जागृत होगी। इस बारे में जब शहर के सिनेमा संचालकों से बातचीत की तो सामने आया कि वे लोग इसे अब भी जारी रखने के पक्ष में हैं। जागता है राष्ट्रप्रेम पायल सिनेमा के प्रबंधक रामसिंह बताते हैं कि अगर फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजता है जो यह राष्ट्रप्रेम जगाने वाला होगा। एेसे में इसे जारी रखने में बुराई ही क्या है। हमारे यहां कल तक राष्ट्रगान बजा है तो इसे हम आज भी बजाएंगे ताकि लोग देशभक्ति के भाव से जुड़े।
कोर्ट से आदेश आएगा तो देखेंगे कृष्णा सिनेमा के प्रबंधक अवतार सिंह बताते हैं कि हमारे पास अब तक तो कोई एेसा आदेश आया नहीं है। एेसे में हम पहले भी राष्ट्रगान बजा रहे थे और अब भी इसे लगातार जारी रखेंगे। इससे लोगों का देश के प्रति प्रेम बढ़ता है और राष्ट्रगान अगर प्रतिदिन बजे तो यह बुरा भी नहीं है। हम रखेंगे जारी इसी प्रकार जीआरजी गणेश सिनेमा के प्रबंधक भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि यदि राष्ट्रगान लोगों को देशप्रेम से जोड़ता है तो इसका प्रतिदिन सिनेमा में बजना अच्छा ही तो है।
एेसे में हमें इसे जारी रखना चाहिए और हमारा सिनेमा यह जारी रखेगा भी। हमारे यहां आज नहीं बजा राष्ट्रगान गोल्ड सिनेमा के कार्यवाहक प्रबंधक विनोद यादव बताते हैं कि हमारे यहां सिनेमा की तमाम व्यवस्थाएं मुम्बई से ही नियंत्रित होती हैं। एेसे में गुरुवार सुबह के शो से ही हमारे यहां फिल्म से पहले राष्ट्रगान नहीं बजा। इस मामले में हम स्थानीय स्तर पर कोई भी चीज जोड़ या घटा नहीं सकते हैं। यह सही है कि आज हमारे यहां शो में राष्ट्रगान नहीं बजा है।