श्रीकरणपुर के पिड़ों में बने मूत्रालयों की हालत में किया सुधार, ईओ ने गठित की मोबाइल टीम
श्रीकरणपुर. पुरानी धानमंडी पिड़ संख्या तीन सहित नगरपालिका में नए मूत्रालय का निर्माण जारी है। पुरानी धानमंडी में बने बरसों पुराने मूत्रालय को हटाकर वहां सेप्टिक टैंक बनाकर नए मूत्रालय का निर्माण किया जा रहा है। वहीं पिड़ संख्या चार में पानी का कनेक्शन करवाकर व्यवस्था सुचारू की गई है। बीस लाख से हो रहे हैं नवनिर्माण पालिकाध्यक्ष अनीता जोहिया ने बताया कि आमजन को मूलभूत सुविधा मुहैया करवाना नगरपालिका की जिम्मेदारी है। बरसों पुराने शौचालय नकारा हो चुके थे।
लोगों की परेशानी के मद्देनजर इनका नव निर्माण करवाया जा रहा है। अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला ने बताया कि पिड़ संख्या तीन के अलावा नगरपालिका परिसर में नए सिरे से मूत्रालय व शौचालयों का निर्माण जारी है। वहीं जेपी चौक के निकट भी बरसों पुराने मूत्रालय को हटाकर नवनिर्माण करवाया जाएगा। एसडीएम कार्यालय परिसर व बस अड्डे पर बने शौचालय का जीर्णोद्धार करवाया गया है। इन सभी कार्यों पर करीब २० लाख रुपए खर्च होंगे।
इसके अलावा पुरानी धानमंडी पिड़ों में बने शौचालयों की साफ सफाई के लिए एक मोबाइल टीम का गठन किया गया है। जो दिन में दो बार वहां सफाई करने जाती है। पत्रिका ने उठाया था मुद्दा गौरतलब है कि नगरपालिका परिसर व पुरानी धानमंडी में बने मूत्रालयों की लंबे समय से बदहाल स्थिति थी। नगरपालिका प्रशासन को कई बार अवगत करवाने के बावजूद पुरानी धानमंडी के पिड़ संख्या तीन में बने मूत्रालय की समस्या हल नहीं होने पर रिफ्यूजी मार्केट के दुकानदारों ने तो कांटें लगाकर इसे बंद ही कर दिया था।
मामले में राजस्थान पत्रिका ने ४ दिसंबर के अंक में ‘मिले ना फूल तो कांटों से दोस्ती कर ली...’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद नगरपालिका प्रशासन हरकत में आया और मौका मुआयना कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। मामले में कार्रवाई शुरू होने पर दुकानदारों जीवन जैन, सतेन्द्र नागपाल, दर्शन सेठी, हरीश अरोड़ा, भारतभूषण बंसल आदि ने पत्रिका का आभार जताया।