श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन पर नया भवन व फुट ओवर ब्रिज निर्माणाधीन, कार्य की धीमी चाल से रेल यात्री हो रहे परेशान
श्रीकरणपुर. आदर्श घोषित श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए भले ही कई कार्य प्रस्तावित हैं लेकिन निर्माण की धीमी गति यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी है। करीब दस माह से चल रहे भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से जहां यात्रियों को टिकट लेने से लेकर गाड़ी का इंतजार करने तक असहज महसूस होता है। वहीं, फुट ओवर ब्रिज का कार्य पूरा नहींं होने से प्लेटफार्म एक से दो पर जाने के लिए पटरियां पार करने का जोखिम भी उठाना पड़ता है। रेल संघर्ष समिति ने रेल अधिकारियों को जल्द कार्य पूरा करवाने की मांग की है।
दो करोड़ रुपए होंगे खर्च गौरतलब है कि आदर्श घोषित होने के बाद रेलवे स्टेशन पर करीब करोड़ रुपए से अधिक के कार्य प्रस्तावित हैं। जानकारी अनुसार इसके तहत आधुनिक सुविधा युक्त रेलवे स्टेशन का नया भवन, प्लेटफार्म नंबर दो को ऊंचा उठाने के साथ चारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है। इस पर करीब ७५ लाख रुपए खर्च होने हैं। वहीं, करीब सवा करोड़ रुपए की लागत से प्लेटफार्म संख्या एक से दो पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण होना है। यात्री झेल रहे परेशानी रेल संघर्ष समिति संयोजक बलदेव सैन ने बताया कि आदर्श घोषित रेलवे स्टेशन पर इसी वर्ष जनवरी में पुराने भवन को गिराकर नए भवन व फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तथा प्लेटफार्म दो को ऊंचा उठाने का कार्य शुरू किया गया।
इस दौरान दो बार निर्माण की समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। प्लेटफार्म एक से दो पर जाने में रेल यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। शौचालय व वेटिंग रूम शुरू नहीं होने से लघुशंका के लिए भी यात्रियों को भटकने की मजबूरी है। वहीं प्लेटफार्म दो पर लगाई गई एलईडी लाइटस का फोकस सही नहीं होने से पर्याप्त रोशनी नहीं है। कार्य में ढिलाई को लेकर रेल प्रशासन को दो बार ज्ञापन भी सौंपे हैं। लेकिन स्थिति जस की तस है। दो माह और झेलनी होगी परेशानी उधर, उत्तर पश्चिम रेल मंडल बीकानेर के सहायक अभियंता (निर्माण) अवधेश मीणा ने सोमवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति जानी व ठेकेदार को तय समय सीमा में कार्य करने के निर्देश दिए। मीणा ने पत्रिका संवाददाता को बताया कि ओवर ब्रिज का कार्य सितंबर व अन्य कार्य अक्टूबर माह के अंत तक पूरा करना था। लेकिन कई कार्यों में खामियां मिलने पर उन्हें दुबारा करने का निर्देश दिए गए। मीणा ने बताया कि गुणवत्ता बरकरार रखने की बात को प्राथमिकता देते हुए कार्य की समय सीमा बढ़ाई गई है। ओवर ब्रिज का कार्य नवंबर तक तथा अन्य कार्य साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।