भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई
श्रीगंगानगर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को चूनावढ़ के सरपंच को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सरपंच रणवीर कुमार ने पीडि़त को रिश्वत की रकम देने के लिए अटल सेवा केंद्र में बुलाया था। ब्यूरो के अधिकारियों ने वहीं पर कार्रवाई की। शिकायत का सत्यापन ब्यूरो की टीम ने करवा लिया तथा जैसे ही इशारा मिला विभाग की टीम रणवीर कुमार को दबोचने के लिए पहुंच गई। विभाग को सरपंच के तीन हजार रुपये रिश्वत मांगने की जानकारी मिली थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी सतपाल सिंह पुत्र सुंदर सिंह को दो भूखंड के पट्टे बनवाने थे। इनमें से एक पट्टा परिवादी के स्वयं के नाम से तथा एक उसके पिता के नाम से था। ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि सतपाल सिंह ने पट्टा बनवाने के लिए निर्धारित राशि की रसीद कटवा ली तथा इस पर ग्राम सचिव ओमप्रकाश ने हस्ताक्षर भी कर दिए लेकिन सरपंच रणवीर कुमार ने हस्ताक्षर नही किए तथा इसकी एवज में पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस पर परिवादी ने ब्यूरो को शिकायत की। दो दिन पूर्व बीस सितम्बर को शिकायत का सत्यापन करवाया तो तीन हजार रुपए रिश्वत देना तय हुआ। शुक्रवार को सरपंच रणवीर कुमार ने परिवादी सतपालसिंह को रुपए देने के लिए अटल सेवा केंद्र बुलवाया। परिवादी रुपए देने गया तथा उसका इशारा पाते ही ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई कर दी। ब्यूरों के कर्मचारी और अधिकारियों ने केंद्र में प्रवेश किया और सरपंच रणवीर कुमार को धर दबोचा। मौके पर सरपंच के हाथ धुलवाने पर लाल रंग आया तो उसे गिरफ्तार किया गया।
मच गया हड़कंप
गांव के सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। जिसे भी जानकारी मिली वह अटल सेवा केंद्र के आसपास एकत्र हो गया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। अंदर अधिकारी कार्रवाई में जुटे थे वहीं बाहर लोगों का समूह अंदर से आने वाली हर जानकारी पर नजर गड़ाए था। थोड़ी ही देर में सरपंच के रिश्वत लेने की स्थिति स्पष्ट होने पर तो पूरे में इसी का चर्चा हो गया।