धान मंडी, बाजारों में रौनक घटीरबी फसलों पर हुई रब की मेहर
श्रीगंगानगर। क्षेत्र में रविवार रात हुई वर्षा से फसलों को लाभ होगा। इसे रबी में रब की मेहर माना जा रहा है। वर्षा से सर्दी में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है। कुल मिलाकर इसका लाभ ही लाभ है। बादलवाही रहने एवं मौसम में ठंडक के कारण धान मंडी एवं बाजारों में रौनक कुछ कम हुई है। कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ. मिलिन्द सिंह के अनुसार रबी की फसलों के लिए यह वर्षा फायदेमंद है। बुवाई का काम लगभग पूरा हो चुका है, गेहूं, सरसों, जौ एवं चना की फसल बढ़वार की ओर अग्रसर है। धीमे-धीमे हुई वर्षा से जमीन को पर्याप्त नमी मिली है और यह अधिक समय तक बनी रहती है।
जिन खेतों में बुवाई के बाद पहला पानी नहीं लगा, वह पूर्ति वर्षा से हो गई है। पत्तियां धुलने से रोगाणु-जीवाण भी धुल जाते हैं। फसलों की बढ़वार पर्याप्त नमी मिलने से अपेक्षित गति से होगी। किन्नू के बागों में भी इस वर्षा का लाभ है। अभी चल रही बादलवाही से फिलहाल कोई प्रतिकूल असर पडऩे वाली बात नहीं है।
उधर, नई धान मंडी में वर्षा के चलते कृषि जिन्सों की आवक में कमी आई है। मंडी में इन दिनों नरमा की अच्छी आवक चल रही है। ग्वार, मूंग, सरसों भी आ रही है। वर्षा के कारण तुलाई एवं उठाव का काम प्रभावित हुआ है।
मंडी में काम करने वाले धानक मजदूर एवं तुलाईकार कई जगह अलाव तापते नजर आए। नरमा-कपास की ढेरियों को पानी एवं नमी से बचाने के लिए तिरपाल से ढका गया है। उल्लेखनीय है कि सर्दी के इस सीजन की शुरूआत में मावठ हुई थी, उससे भी फसलों को लाभ हुआ था। अब रविवार को हुई वर्षा से भी सभी फसलों को लाभ है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार सिंचित एवं बारानी, दोनों क्षेत्रों में कुदरत की कृपा हुई है। बारानी में अपेक्षाकृत अधिक लाभ है।