तीन माह से मजदूरी नही मिलने से आक्रोशित थे मजदूर।
सूरतगढ़ थर्मल। तीन माह की बकाया मजदूरी सहित सी पी एफ खातों में हुई गड़बड़ी की जांच कर बकाया सीपीएफ राशि देने की मांग को लेकर दो दिनों से हड़ताल कर रहे 660 - 660 मेगावाट क्षमता कि सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल इकाईयो कमज़दूरो की हड़ताल गुरुवार को हुई वार्ता में बनी सहमति के बाद समाप्त हो गई। इससे पहले सुबह 8 बजे सभी मजदूर टिब्बा क्षेत्र संघर्ष समिति के संयोजक राकेश बिशनोई के नेतृत्व में निर्माणाधीन इकाईयो में एकत्रित हो कर उत्पादन निगम प्रशासन एवम निर्माण कम्पनियो के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए नारे बाजी की।
बिशनोई ने मजदूरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अन्य प्रदेशों से आये मजदूरों के साथ साथ हजारो स्थानीय मजदूरों के पिछले कई वर्षों का सीपीएफ निर्माण कार्यो में लगी कम्पनिया खुर्द बुर्द करना चाहती है। उन्होंने कहा कि निर्माण कम्पनियो द्वारा सीपीएफ के नाम पर करीब 8 से 10 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पिछले एक दो वर्षों में की गई है।
इसके अलावा श्रमिको के स्वास्थ्य, सुरक्षा की भी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कम्पनियो द्वारा यदि अपना रवैया नही सुधारा गया तो श्रमिक पीछे नही हटने वाले । इसके पश्चात दोपहर एक बजे भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड सहित अन्य निर्माण कम्पनियो के प्रतिनिधि मंडल से हुई श्रमिक प्रतिनिधियों की लम्बी वार्ता में बनी सहमति के बाद मजदूरों की हड़ताल समाप्त हो गई।
ये हुआ समझौता-
निर्माणाधीन सुपर क्रिटिकल इकाईयो स्थित भेल कार्यालय में हुई श्रमिक प्रतिनिधि मंडल एवम निर्माण कम्पनियो के प्रतिनिधियों से हुई वार्ता में मजदूरी का भुगतान प्रत्येक माह की 10 से 20 तारीख के बीच करने, विगत वर्षों मजदूरों के सीपीएफ में हुई गड़बड़ियों के समाधान के लिए 5 श्रमिक प्रतिनिधियों एवम दो कम्पनी प्रतिनिधियों वाली सात सदस्यीय कमेटी का गठित कर प्रत्येक मजदूर के रिकॉर्ड इक्कट्ठा करने, न्यूनतम मजदूरी में 20 रुपये की बढ़ोतरी करने, सभी मजदूरों को डिमांड राशि देने, श्रमिक के दुपहिया वाहन का गेटपास बनाने सहित तीन नम्बर गेट स्थित श्रमिक कॉलोनी डिस्पेंसरी में दिन सहित शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक चिकित्सक सहित नर्सिंग स्टाफ लगाने पर बनी सहमति के बाद मजदूरों ने हड़ताल समाप्त कर दी।