श्री गंगानगर

Video: बॉर्डर पार आई हेरोईन, तस्कर को दस साल कारावास

- एक लाख रुपए का जुर्माना - बीएसएफ ने बरामद की थी हेरोईन की खेप - छह किलो पैकेट को पाकिस्तान से फेकने से भारत में आया था यह नशीला पदार्थ
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Updated: 22 Dec 2017, 5:46 PM IST
ten year jail to smuggler
ten year jail to smuggler

श्रीगंगानगर। करीब साढ़े पांच साल पहले बॉर्डर पार पाकिस्तान से हेरोईन तस्करी के मामले में एक आरोपित को दोषी मानते हुए उसे दस साल कठोर कारावास व एक लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है। शुक्रवार को यह निर्णय एनडीपीएस मामलों की स्पेशल कोर्ट के जज हारुन ने सुनाई। यह हेरोईन छह पैकेट में थी जो बॉर्डर पार पाकिस्तान से भारतीय सीमा में फेंकी गई थी लेकिन हिन्दुमलकोट बॉर्डर पर सतर्क बीएसएफ ने यह खेप बरामद कर ली। इस खेप की डिलीवरी लेने आए आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए थे लेकिन पुलिस ने जांच के दौरान दो आरोपितों को पंजाब से गिरफ्तार किया।

लेकिन तीसरा आरोपित अभी तक पुलिस की गिरफ़्त से दूर है। विशिष्ट लोक अभियोजक केवल कुमार अग्रवाल ने बताया कि हिन्दुमलकोट एरिया में भारत पाक सीमा में २३ फरवरी २०१२ की रात करीब पौने दो बजे बोर्डर पार से आई हेरोईन की खेप को बीएसएफ के अधिकारियों ने पकड़ा था। १९२ वाहिनी बीएसएफ कंपनी कमाण्डर कैलाशचन्द्र शर्मा की ओर से २४ फरवरी २०१२ को अज्ञात तस्करों के खिलाफ हिन्दुमलकोट थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया बीती रात बॉर्डर पार तस्करों ने हेराईन के छह पैकेट फेंके थे, इन पेकेटों को दो बाइक पर अज्ञात लोग आए थे लेकिन बीएसएफ की सतर्कता से यह डिलीवरी नहीं हो पाई।

अंधेरे और आसपास खेतों में खड़ी फसल का फायदा उठाकर तस्कर हेराईन को वहां छोडक़र भाग गए। बीएसएफ ने इन पैकेटों का वजन किया तो यह छह किलोग्राम हेराईन थी। इसकी अन्तरराष्टीय बाजार में करोड़ों की कीमत थी। इस हेरोईन को लेने आए आरोपितों के जूते, मफलर और कपड़े मिले। पंजाब से आए थे डिलीवरी लेने पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। करीब सात महीने के बाद पंजाब के तरणतारण जिले के मल्ली गांव के कुलदीप सिंह उर्फ कीपा पुत्र दर्शन सिंह जटसिख और करीब डेढ़ साल बाद दूसरे आरोपित तरणतारण जिले के गांव तारासिंह वाला निवासी बलविन्द्र सिंह उर्फ बिन्द्र पुत्र तारासिंह को गिरफ्तार किया गया।

इसके अलावा तीसरे आरोपित गांव ठठा निवासी मनवीर सिंह पुत्र परमवीर सिंह भी शामिल था लेकिन वह अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इन तीनों पर आरोप है कि तीनों दो बाइक पर सवार होकर हिन्दुमलकोट बॉर्डर पर पिल्लर नम्बर २७८-३५ पर जीरो बॉर्डर लाइन पर पहुंचे थे, जैसे ही इस खेप को लाने के लिए आए तो हलचल की भनक लगते ही बीएसएफ ने धरपकड़ की लेकिन अंधेरे का फायदा उठाते हुए वहां से भाग गए। अदालत ने शुक्रवार को अपने फैसले में आरोपित कुलदीप सिंह उर्फ कीपा को दोषी मानते हुए दस साल कठोर कारावास व एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि आरोपित बलविन्द्र सिंह उर्फ बिन्द्र को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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