मोड पर खुले नाले में पलट गई स्कूटी
श्रीगंगानगर. सूरतगढ़ में पिछले दिनों नाले में डूबकर एक बच्चे की मौत के बाद भी यहां नगरपरिषद नहीं चेती और नालों को नहीं ढकवाया गया। इसके चलते गुरुवार सुबह स्कूटी फिसलने से तीन बच्चे नाले में गिरकर पानी में डूब गए। लोगों की सतर्कता से तीनों बच्चों को तत्काल बाहर निकाल लिया। इससे शहर में एक बड़ा हादसा होते टल गया। जानकारी के अनुसार विनोबा बस्ती निवासी राजेन्द्र कुमार खत्री की पंद्रह वर्षीया पुत्री खुशी अपने छोटे भाई कुनाल (५) व बहन गुंजन (१०) को स्कूटी पर बैठाकर स्कूल ले जा रही थी।
रास्ते में पायल टाकीज के समीप एक मोड पर स्कूटी फिसल गई और तीनों बच्चे खुले नाले में गिर गए। इस दौरान पानी से पूरा भरा हुआ था, जिसमें तीनों बच्चे डूब गए। वहीं कार्नर पर स्थित एक मकान में ऊपर खड़ी महिला ने जब यह देखा तो वह जोर चीखीं। इससे वहां आसपास खड़े लोगों का ध्यान इस हादसे की तरफ गया। लोगों ने दौडक़र तत्काल तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाल लिया। इस दौरान वहां आसपास हडक़ंप मच गया और लोग जमा हो गए। पानी में भीगने के कारण तीनों बच्चे बाहर निकालते ही सर्दी से कांपने लगे।
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आसपास के लोगों ने उनको अपने शॉल आदि ओढ़ाकर संभाला। लोगों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने बच्चों के परिजनों को खबर दी। परिजन वहां पहुंच गए। पानी में डूबने से बच्चों के स्कूली बैगों में पानी भर गया और किताबें आदि भीग गई। परिजन बच्चों को घर ले गए। लोगों ने मामले की सूचना नगरपरिषद कर्मचारियों को दी। सूचना मिलने पर नगरपरिषद आयुक्त सुनीता चौधरी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। जहां लोगों ने अधिकारियों को खुले नालों को बंद कराने की मांग की और हादसे की जानकारी दी।
आननप-फानन में ढकवाए नाले
इस घटना के बाद वहां पहुंचे नगरपरिषद अधिकारी व कर्मचारियों ने आनन-फानन में नालों को ढकवाना शुरू कर दिया। जिस नाले में बच्चे गिरे थे, उसको तत्काल ढकवा दिया गया। वहीं नाले मे भरे पानी को निकालवाने की कवायद शुरू कर दी गई। मौके पर दर्जनों कर्मचारी, जेसीबी, ट्रेक्टर-ट्राली, पानी निकालने वाले टैंकर आदि पहुंच गए। नगरपरिषद कर्मचारी इलाके में नाले ढकवाने व उनका पानी निकलवाने की कार्रवाई में जुटे हुए थे।