श्री गंगानगर

हाई वॉल्टेज करंट के खतरे के बीच जीवनयापन कर रहे ग्रामीण, स्कूली बच्चों पर भी खतरा

villagers in danger: गांवों में लगे शिविरों की सच्चाई: भले ही सरकारें ग्रामीण स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन गांवों के संग जैसे ​शिविर पर लाखों रुपए खर्च करने के साथ अ​धिकारियों को फील्ड में भेजकर परिवादों के त्वरित निस्तारण का दम भरती हैं। लेकिन धरातल पर यह सभी दावे कागजी ही साबित हो रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण श्रीगंगानगर जिले की सूरतगढ़ तहसील में विद्युत समस्याओं में देखने को मिलता है। जहां ग्रामीण ​शिविर से लेकर निगम के प्रभारी अ​धिकारियों सहित एसडीएम तथा कलक्टर के आगे गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आज तक उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। जिससे ग्रामीण खतरे के साये में जीवनयापन करने पर मजबूर हैं।

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श्रीगंगानगर. गांवों में बिजली समस्याओं को लेकर ग्रामीणों की सुनवाई बस कागजों तक ही सीमित हैं। धरातल पर आज भी ग्रामीण बिजली समस्याओं को लेकर जूझ रहे हैं। आज भी जिले के सूरतगढ़ तहसील के राजियासर टिब्बा क्षेत्र की देईदासपुरा पंचायत के गांव सांवलसर तथा गांव डीडवाना के बीच से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन, बिरधवाल स्टेशन के सरकारी स्कूल के उपर से गुजर रही 33 केवी की विद्युत लाइन, कस्बे के कई घरों के उपर से जा रही हाई वॉल्टेज लाइनें, गांवों तथा ट्यूबवेल की विद्युत सप्लाई के लिए विद्युत लाइनों में लगे जर्जर व टेढ़े खंभे और झूलते तार ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। गांवों में बिजली की झूलती तारों तथा हाई वॉल्टेज लाइनें टूटने से कई हादसे हो चुके हैं। जिससे न केवल आमजन बल्कि पशुधन व राष्ट्रीय पक्षी मोर भी काल के ग्रास बन चुके हैं। इसके बावजूद आज तक विद्युत निगम की लापरवाही की नींद सो रहा है। हालांकि ग्रामीण निगम अधिकारियों से लेकर प्रशासन गांव के संग शिविर में कई बार समस्या उठा चुके हैं। लेकिन कार्रवाई मात्र कागजों तक सीमित है।

भय के साए में बच्चों का भविष्य निर्माण

नेशनल हाइवे 62 पर स्थित बिरधवाल स्टेशन के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में भय के साए में विद्यार्थियों का भविष्य सुधारने की कवायद की जा रही है। खतरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि स्कूल के ऊपर से 33 हजार केवी तथा स्कूल के आगे से घरों की हाई वॉल्टेज विद्युत लाइनें गुजर रही हैं। इससे बच्चों, अभिभावकों तथा अध्यापकों की सांसें अटकी रहती हैं। प्रधानाध्यापक किशन कुमार ने बताया कि इस संबंध में निगम को लिखित में अवगत करवाया गया था। बावजूद इसके स्कूल के ऊपर से खतरा बनी विद्युत लाइनें नहीं हटाई जा रही हैं।

राष्ट्रीय पक्षी पर भी संकट, प्रतिवर्ष दर्जनों मोरों की मौत

टिब्बा क्षेत्र की देईदासपुरा पंचायत के गांव सांवलसर के मध्य से होकर गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइनें ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई हैं। इस लाइनों को गांव से बाहर स्थानांतरित करने के लिए ग्रामीण अनेक बार लामबंद होकर निगम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन ग्रामीणों की आज तक सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण पतराम स्वामी , हेतराम नाथ, मदन स्वामी, त्रिलोक सियाग, कुंदनलाल शर्मा व रणवीर रोलन आदि ने बताया कि यह विद्युत लाइनें ग्रामीण के साथ साथ राष्ट्रीय पक्षी मोरों के लिए जी का जंजाल बन गई हैं। गांव के बीच में से गुजर इस विद्युत लाइन की चपेट में आने से प्रतिवर्ष सौ से अधिक मोरों की मृत्यु हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में सूरतगढ़ अतिरिक्त जिला कलक्टर सहित जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारियों को कई बार लिखित में शिकायत की लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई।

खानापूर्ति बने सरकारी शिविर, अ​धिकारी बेपरवाह

इसी तरह सिगंरासर पंचायत के गांव डीडवाना के गुवाड़ से 11 हजार केवी की विद्युत लाइन जा रही है। ग्रामीण शंकरलाल, प्रकाश गोदारा, जगदीश ने बताया कि यह लाइन गांव के गुवाड़, कुएं, जोहड़, चौराहे व मन्दिरों के पास हैं। यहां दिन भर स्कूली बच्चों, आमजन तथा पशुधन की आवाजाही रहती है। ऐसे में आंधी चलने के समय तारें व खंभे गिरने से अनहोनी की आंशका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने प्रशासन गांव के संग अभियान में विद्युत निगम के अधिकारियों को मौका दिखाया था। लेकिन अब तक विद्युत लाइनों को गांव से बाहर नहीं स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा कस्बे के कई घरों के उपर से हाई वॉल्टेज की विद्युत लाइन गुजर रही हैं। कई गांवों में जर्जर हुए विद्युत खंभों तथा इंसुलेटरों को काफी समय से नहीं बदला गया हैं।

निगम अ​धिकारियों पर ठेकेदार से मिलीभगत का आरोप

ग्रामीण शेर सिंह नरूका, लालचंद गोदारा, सुरेंद्र स्वामी, मांगीलाल सारण ने बताया कि निगम के अधिकारियों की मिलीभगत व लापरवाही से विद्युत लाइनों व खंभों को लगाते समय ठेकेदार सही तरीके से कार्य नहीं करता है। जिसकी वजह से क्षेत्र में आए दिन तारों व खंभों के गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। खंभे गिरने से गांवों व खेतों की विद्युत सप्लाई कई दिनों तक प्रभावित होती है। साथ ही किसानों को पर्याप्त छह घंटे बिजली भी नहीं मिल पाती है। इस संबंध में उदयपुर गोदारान के सरपंच दिलावर खां व सिगंरासर सरपंच अर्जुनराम गोदारा के अनुसार उन्होंने व्यक्तिगत तथा पंचायत समिति बैठक में कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को विद्युत संबंधित समस्या से अवगत करवाया। लेकिन अधिकारी केवल मात्र आश्वासन देकर इतिश्री कर लेते हैं। इस संबंध में निगम के अधीक्षण अभियंता लाभ सिंह मान ने बताया कि अधिकारियों को मौके पर भेजकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया जाएगा। समस्याओंं का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।

Published on:
06 May 2024 11:53 am
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