
श्रीगंगानगर। लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव कहे जाने वाले लोकसभा आम चुनाव में प्रचंड गर्मी के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। इलाके में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस में दुपहरी में लू के थेपड़े ऐसे कि किसी मुर्दा के भी अंतिम संस्कार कराने के लिए उनके परिजन सांझ का इंतजार करें लेकिन इलाके के मतदाताओं ने इस भीषण गर्मी की दुपहरी में मतदाता केन्द्र पर पहुंचकर लोकतंत्र के सही मायने में अपनी भागीदारी दिखाने में परहेज नहीं किया।
बुजुर्ग और बीमार मतदाता जब इन केन्द्रों पर पहुंचे तो वहां का नाजारा देखने लायक था, कोई बुजुर्ग अपनी बैशाखी पर तो कोई लाठी लेकर लडख़ड़ाते कदम के बावजूद वोट पोल करने में पीछे नहीं रहा।यही वजह रही कि प्रदेश के दूसरे चरण में बारह लोकसभा सीटों पर हुए चुनाव में हमारे संसदीय क्षेत्र के मतदातााओं ने अपना परचम लहरा दिया।
शहर के हर गली और मोहल्ले से लेकर ठेठ दूरदाज गांव के पोलिंग बूथ पर मतदाताओं का उत्साह नजर आया। सुबह सात बजे से सुबह दस बजे लगातार वोटिंग तेजी से हुई। दोपहर बारह बजे से अपराह्र तीन बजे तक महिलाओं ने इन मतदान केन्द्रों पर मोर्चा संभाला। बॉर्डर एरिया के ग्रामीण इलाके में दिखा अधिक उत्साह भारत पाक अन्तराष्ट्रीय सीमा से गांवों में आम चुनाव का जोश और ज्जबां गजब का नजर आया।
इन ग्रामीण क्षेत्र के मतदान केन्द्रों में सुबह से लेकर शाम तक मतदान करने में ग्रामीण उत्साह से अपने अपने हिसाब से वोट देने में लगे थे। कई महिलाएं तो मतदान केन्द्रों पर काफी किमी दूरी तय कर पहुंची तो कई बुजुर्ग और बीमार मतदाताओं को लाने के लिए दुपहिया और चौपहिया वाहन संबंधित मतदाताओं के परिजन खुद सक्रिय नजर आए।
मिर्जेवाला, दौलतपुरा, सुजावलपुर, खाटलबाना, दुल्लापुर कैरी, रेणुका, कालियां गांवों में सुबह की पारी में पुरुष मतदाताओं की भीड़ रही तो दुपहरी में महिलाएं खाना पकाने के बाद वोट देने के लिए आई। दौलतपुरा और रेणुकां गांव में दुपहरी के समय नब्बे फीसदी महिलाएं वोटर नजर आ रही थी। अबूझ सावे के कारण वोटिंग नहीं अक्षय तृतीया पर अबूझ सावे होने के कारण सोमवार को संसदीय क्षेत्र में कई मतदाता अपने वोट देने से वंचित हो गए। हालांकि कई परिवारों ने वोट तो दिए लेकिन ज्यादातर लोग अपने घर से दूर होने के कारण वोट पोल करने से वंचित हो गए। ऐसे में माना जा रहा है कि इस अबूझ सावे के कारण भी करीब दो से चार प्रतिशत मतदान में एकाएक असर देखने को मिला है।