-कस्बे व आसपास के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। जलदाय डिग्गियों का पानी लगभग समाप्त हो चुका है।
गजसिंहपुर.
कस्बे व आसपास के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। जलदाय डिग्गियों का पानी लगभग समाप्त हो चुका है। कस्बे की जल आपूर्ति पूर्णत: चरमरा गई है। इस कारण रसोई कार्यों के लिए भी लोगों को दूर दराज से पानी का जुगाड़ करना पड़ रहा है। जलदाय विभाग पर्याप्त प्रबंध करने में नाकाम साबित हुआ है। नहरों में आ रहा दूषित जल अभी डिग्गियों में भरने लायक नहीं है। इससे यह संकट और गहरा गया है। यहां के नागरिकों ने स्थानीय जलदाय विभाग को गर्मी की शुरुआत में ट्यूबवैल सही करवाने, डिग्गियों की सफाई करवा कर इसकी स्टोरेज क्षमता बढ़ाने को कहा गया था मगर उच्चाधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
राजकुमार गिरधर ने विभाग की लापरवाही को आमजन के लिए परेशानी का कारण बताते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षो से हर गर्मी में धरने प्रदर्शनों के बावजूद वाटरवक्र्स की सार सम्भाल नहीं हुई। इसका खमियाजा यहां की जनता भुगत रही है। लम्बे समय से डिग्गियों की सफाई नहीं हुई। इससे डिग्गियों के आस पास मृत पशुयों की हड्डियों सहित गन्दगी भरी पड़ी है। वाटरवक्र्स में कई वर्षो से फि ल्टरप्लांट की दशा बिगड़ी पड़ी है । विभाग की कार्य करने की गति का उदाहरण यह है कि एक फि ल्टर प्लांट के दुरुस्त करने का कार्य पिछले दो वर्षो में भी पूर्ण नहीं हो पाया है। मात्र कुछ दिनों के इस कार्य को करने की अवधि समाप्त हुए करीब डेढ़ वर्ष हो गया है।
टैंकर से पहुंचाया जाता है पानी
जल संकट इतना गहरा चुका है कि कई वार्डो में नगरपालिका ने टैंकर से पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है । पालिकाध्यक्ष पृथ्वीराज ने बताया की पेयजल संकट को देखते हुए टैंकर से घरों में पानी पहुंचाया जा रहा है। पालिकाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस संबंध में च्चाधिकारियों को बार बार अवगत करवाया गया किन्तु जलदाय विभाग ने जनता की राहत के लिए कोई कदम नहीं उठाया।