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सुरक्षा घेरे में बनी कचरा प्लांट की सड़क, खाली रहा विरोध का मैदान

- नरसिंहपुरा में दिनभर चला अभियान, 17 से अ​धिक लोगों पर एफआइआर, नगर परिषद ने तैयार कराया 700 मीटर मार्ग, एक सौ पुलिस कार्मिक रहे तैनात
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नरसिंहपुरा में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए पुलिस सुरक्षा में 700 मीटर सड़क निर्माण कार्य, विरोध के बाद क्षेत्र में तैनात पुलिस बल।

नरसिंहपुरा में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए सड़क निर्माण कार्य करता नगर परिषद अमला

श्रीगंगानगर। नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच करीब 700 मीटर लंबा मार्ग तैयार कराया गया। पूरे अभियान के दौरान लगभग 100 पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे, जबकि नगर परिषद के अधिकारी, कार्मिक और ठेकेदार की टीम दिनभर मौके पर डटी रही। सड़क तैयार होने के बाद अब प्लांट तक कचरा परिवहन का रास्ता सुगम हो सकेगा। नगर परिषद आयुक्त मिलखराज चुघ के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने गणेशगढ़ पुलिस चौकी और पेट्रोल पंप के बीच से निकलने वाले मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खुलवाया। पहले मार्ग में मौजूद बाधाओं को हटाया गया, उसके बाद मिट्टी का समतलीकरण कराया गया। इसके बाद सड़क निर्माण में उपयोग आने वाली सामग्री डलवाई गई, ताकि बरसात के मौसम में भी कचरा परिवहन बाधित न हो। करीब 700 मीटर लंबे इस मार्ग को तैयार करने के लिए नगर परिषद का अमला पूरे दिन मौके पर कैंप किए रहा। आयुक्त चुघ ने बताया कि मार्ग निर्माण का उद्देश्य प्रस्तावित प्लांट तक नियमित और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान भी वाहनों की निर्बाध आवाजाही बनी रहे, इसके लिए सड़क को आवश्यक रूप से मजबूत किया गया है। अभियान के दौरान एक्सईएन मंगतराय सेतिया, जेईएन सिद्धार्थ जांदू, चंदनदीप सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।-----

धरना स्थल पर पसरा सन्नाटा, नहीं पहुंचे ग्रामीण

प्रस्तावित प्लांट के विरोध में ग्रामीणों की ओर से लगाए गए धरना स्थल पर गुरुवार को सन्नाटा पसरा रहा। बुधवार को हुए घटनाक्रम और हिंसा के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। उपद्रव के दौरान धरना स्थल पर लगी तारबंदी और गेट को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस कार्रवाई का असर गुरुवार को धरना स्थल पर साफ नजर आया। जहां पहले ग्रामीणों की मौजूदगी और गतिविधियां दिखाई देती थीं, वहां दिनभर कोई भी ग्रामीण नहीं पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच धरना स्थल खाली नजर आया। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि इस एरिया में पुलिस को अलर्ट किया गया है। घमूड़वाली थाना और गणेशगढ पुलिस चौकी स्टाफ को नियमित गश्त कर पुलिस प्रशासन को लगातार फीडबैक देने के लिए निर्देशित किया गया है।

22.75 लाख की सरकारी संपत्ति तोड़ी, 17 नामजद समेत कई पर एफआइआर

नरसिंहपुरा में प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में हुए आंदोलन के बाद पुलिस ने 17 नामजद और अन्य कई लोगों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। नगर परिषद के सहायक अभियंता की ओर से दी गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन के दौरान भीड़ ने प्लांट की जमीन पर लगी तारबंदी, लोहे का गेट और पिलर तोड़ दिए, जिससे सरकार को करीब 22.75 लाख रुपए का नुकसान हुआ। इधर, घमूड़वाली पुलिस ने इस तोड़फोड़ करने के आरोप में छह लोगों को शांति भंग करने के आरोप में पकड़ लिया था। वहीं रायसिंहनगर पुलिस ने भी इस प्लांट में झगड़े की आंशका को देखते हुए माकपा के श्योपतराम को डिटेन किया है। इस बीच् घमूँड़वाली थाने में नगर परिषद के सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 22 जुलाई को गांव मांझूवास और नरसिंहपुरा के ग्रामीण प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में धरने पर बैठे थे। इसी दौरान संघर्ष समिति की ओर से सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शिकायत के अनुसार सभा में करीब 3,500 से 4,000 लोगों की भीड़ एकत्र हुई, जिनमें कई लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे थे। रिपोर्ट में आरोप है कि सभा के दौरान वक्ताओं ने लोगों को प्रस्तावित कचरा प्लांट का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। प्रशासन के साथ वार्ता के बावजूद सहमति नहीं बनने पर भीड़ प्लांट स्थल की ओर बढ़ गई। शिकायत के अनुसार भीड़ ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और हाथों से प्लांट की जमीन के चारों ओर लगी तारबंदी, सीमेंट के पिलर और लोहे का मुख्य गेट तोड़ दिया। आरोप है कि तार और पिलर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर साथ ले जाए गए।श्रीगंगानगर, पदमपुर और सादुलशहर क्षेत्र का कचरा भी होगा निस्तारित

नगर परिषद के अनुसार प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट नरसिंहपुरा गांव से करीब छह किलोमीटर दूर स्थापित किया जा रहा है। यह स्थल एलएनपी नहर से लगभग 500 मीटर तथा गौशाला की भूमि से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। प्लांट शुरू होने के बाद श्रीगंगानगर शहर के साथ-साथ पदमपुर और सादुलशहर क्षेत्र से एकत्रित ठोस कचरे का भी वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। नगर परिषद आयुक्त ने बताया कि करीब पांच लाख की आबादी वाले श्रीगंगानगर शहर में लगातार बढ़ रहे ठोस कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि समय पर कचरे का समुचित निस्तारण नहीं होने पर भविष्य में जनस्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। प्लांट में शहरों से एकत्रित कचरे का पृथक्करण कर प्रतिदिन वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा। गीले कचरे से जैविक खाद (कम्पोस्ट) तैयार होगी, जबकि सूखे कचरे से रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल बनाया जाएगा। आरडीएफ को सीमेंट फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में उपयोग के लिए भेजा जाएगा, जबकि तैयार कम्पोस्ट खाद का बाजार में विपणन किया जाएगा। नगर परिषद का दावा है कि प्लांट में न तो कचरे की डम्पिंग होगी और न ही उसे जलाया जाएगा। संपूर्ण प्रसंस्करण आधुनिक तकनीक और कवर शेड के भीतर होने से दुर्गंध, प्रदूषण तथा अन्य पर्यावरणीय प्रभावों को न्यूनतम रखा जा सकेगा।