श्री गंगानगर

बांधों के जलग्रहण क्षेत्र को बारिश का इंतजार

-पिछले साल भी बांधों में पानी की आवक में सुधार जून के बाद हुआ था। पंजाब सिंचाई विभाग के अनुसार 1 जुलाई को पोंग बांध में जलस्तर 1283.48 फीट था।
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बांधों के जलग्रहण क्षेत्र को बारिश का इंतजार

श्रीगंगानगर.

देश के अधिकांश भागों में मानसून सक्रिय हो गया है। लेकिन पंजाब, राजस्थान और हरियाणा को सिंचाई और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराने वाले भाखड़ा और पोंग बांध के जलग्रहण क्षेत्रों को अभी बारिश का इंतजार है। इन बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से पानी की आवक पिछले साल की तुलना में कम है। हालांकि मानसून की अभी शुरुआत है, इसलिए जल संसाधन विभाग को अगले दो-चार दिन में स्थिति में सुधार की उम्मीद है। पिछले साल भी बांधों में पानी की आवक में सुधार जून के बाद हुआ था। पंजाब सिंचाई विभाग के अनुसार 1 जुलाई को पोंग बांध में जलस्तर 1283.48 फीट था।

पानी की आवक 13937 क्यूसेक थी जबकि निकासी 8004 क्यूसेक थी। गत वर्ष की स्थिति को देखें तो 3 जुलाई को पोंग बांध में जलस्तर 1300.07 फीट था। पानी की आवक 21001 क्यूसेक थी जो इस वर्ष की तुलना में 7064 क्यूसेक अधिक थी। पोंग बांध से निकासी 2505 क्यूसेक हो रही थी। भाखड़ा बांध में 1 जुलाई को जलस्तर 1493.37 फीट था। पानी की आवक 33883 क्यूसेक और निकासी 22820 क्यूसेक थी। गत वर्ष भाखड़ा बांध का जलस्तर 1570.90 फीट था। पानी की आवक 38377 क्यूसेक थी जो इस वर्ष की तुलना में 4494 क्यूसेक अधिक थी। पानी की निकासी 21983 क्यूसेक थी


बारिश से होगा सुधार
जल संसाधन विभाग के अनुसार पिछले साल जून के आखिर में बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बरसात होने से पानी की आवक बढ़ी तो बांधों का जलस्तर भी बढ़ गया। उसके बाद लगातार बारिश होने से स्थिति में सुधार होता गया। इस बार भी उम्मीद यही की जा रही है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में पोंग और भाखड़ा बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बरसात होगी और उससे बांधों का जलस्तर सामान्य स्थिति में आ जाएगा।


फसलों को जीवनदान
नहरों में पानी की कमी और अत्यधिक तापमान के कारण अभी नरमा-कपास की फसल झुलस रही थी। गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर के किसान लगातार सिंचाई पानी की कमी से जूझ रहे हैं। अभी पिछले तीन-चार दिनों में अच्छी बरसात होने से किसानों को राहत मिली है। किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल का कहना है कि अच्छी बारिश होने से नरमा-कपास की फसलों को जीवनदान मिला है। इस बारिश से अभी सात-आठ दिन फसलों को सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। तब तक जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बारिश होने पर बांधों का जलस्तर बढ़ेगा तो स्थिति में सुधार की गुंजाइश रहेगी।

Published on:
02 Jul 2018 10:00 am