
महिला के इपिजियोस्टोमी लगाकर खुला छोड़ा
-डेढ़ घंटे तक जिंदगी व मौत से जूझती रही प्रसूता
-संयुक्त निदेशक ने डॉक्टर को जारी किया नोटिस
श्रीगंगानगर. गायनिक डॉक्टर की लापरवाही से एक प्रसूता डेढ़ घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। घटना 27 मार्च की है। गांव 7 डीओएल की गर्भवती संतोष (21) पत्नी कालूराम को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी रायसिंहनगर में भर्ती कराया गया था। दोपहर डेढ़ बजे उसका प्रसव हुआ परन्तु गायनिक डॉक्टर ने उसके इपिजियोस्टोमी लगाकर खुला छोड़ दिया। डेढ़ घंटे बाद अन्य चिकित्सक ने आकर उसे रिपेयर किया। इसको लेकर चिकित्सालय में स्टाफ व डॉक्टर में विवाद भी हुआ था। इस बीच प्रसूता दर्द से बेहाल रही। इसको चिकित्सा विभाग ने गंभीरता से लिया है।
सोमवार को श्रीगंगानगर आए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.एचएस बराड़ ने ‘पत्रिका’ से बातचीत करते हुए कहा कि प्रसूता के इपिजियोस्टोमी लगाकर खुला छोडऩा बहुत गंभीर मामला है। इस प्रकरण में गायनिक डॉ.कुल्हरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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डॉक्टर ने नहीं दिया जवाब ---आरोपी डॉ.संजीव कुल्हरी ने संयुक्त निदेशक के नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। अब डॉक्टर को फिर से नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से संयुक्त निदेशक कार्यालय में अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया जाएगा। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। इस डॉक्टर के खिलाफ बाहर की दवा लिखने व जांच आदि करवाने की शिकायतें पहले से है। वार्ड की जांच में कुछ बाहर की दवाइयां भी जब्त की गई।