Death Due To Javelin Injury : खेल प्रतियोगिता से ठीक पहले प्रेक्टिस के दौरान दूसरे खिलाड़ी की ओर से फेंका गया भाला एक खिलाड़ी के गले को आर-पार कर गया। भाला लगने से खिलाड़ी की दर्दनाक मौत हो गई। इससे मैदान में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।
Death Due To Javelin Injury : वार्षिक खेलकूद प्रतियागिता के दौरान उत्तराखंड के चम्पावत जिले में बड़ा हादसा हुआ है। ये घटना गौरलचौड़ मैदान की है। इन दिनों यहां पर राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान के छात्रों की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता चल रही है। सुबह ही सभी छात्र गौरल मैदान में अभ्यास के लिए पहुंच गए थे। इस दौरान कुछ छात्र फुटबॉल जबकि कुछ जैवलिन थ्रो का अभ्यास कर रहे थे।इसी दौरान फुटबॉल का अभ्यास कर रहे 20 वर्षीय छात्र सोमेंद्र सिंह बोहरा दूसरी छोर से फेंके गए जैवलिन की चपेट में आ गया। करीब 40 मीटर दूसर से फेंका गया वह भाला सोमेंद्र के गले में धंस गया।इससे सोमेंद्र लहुलूहान होकर जमीन पर गिर गया। देखते ही देखते मैदान में अफरा-तफरी मच गई। साथी खिलाड़ी और संस्थान के स्टाफ ने घायल छात्र को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमेंद्र की मौत से उसके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
भाला लगने से जान गंवाने वाला सोमेंद्र मूल रूप से पाटी ब्लॉक के रीठा साहिब के मछियाड़ गांव का निवासी था। वह चम्पावत जिला मुख्यालय के जूप वार्ड में अपनी बुआ के घर रहकर पॉलिटेक्निक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि सोमेंद्र के पिता भूपाल सिंह गुजरात में नौकरी करते हैं। परिवार में सोमेंद्र के अलावा तीन बहनें हैं। इकलौते बेटे की मौत से मां दीपा बोहरा गहरे सदमे में हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मां बेसुध हो गई। उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
खेल प्रतियोगिता के दौरान आयोजकों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि पॉलिटेक्निक में स्पोर्ट्स टीचर भी नहीं है और बिना दक्ष शिक्षकों की देखरेख में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित हो रही थीं। शनिवार को पहले दिन की प्रतियोगिता होनी थी।खेलों के शुभारंभ से पहले ही मैदान में बड़ी घटना ने हर किसी को झंकझोर कर रख दिया। चम्पावत जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी के अनुसार अस्पताल पहुंचते ही छात्र की मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही डीएम मनीषक कुमार सहित तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंच गए थे।