
Sikhs for Justice Gurpatwant Singh Pannun: पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, संगठन ग्रामीण इलाकों में अपना प्रोपेगैंडा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए स्थानीय लोगों को पैसे का लालच दिया जा रहा है। दावा है कि एक पोस्टर लगाने या दीवार पर प्रचार सामग्री लिखने के लिए 5 हजार से 10 हजार रूपये तक दिए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह काम खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू के निर्देशों पर किया जा रहा है।
खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, SFJ ने पंजाब के गांवों पर खास फोकस किया है। स्थानीय लोगों से खालिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगाने और दीवारों पर पेंटिंग बनाने को कहा जा रहा है। संगठन इन गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाना चाहता है।
इन वीडियो को सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर फैलाने की योजना बताई जा रही है। मकसद सिर्फ प्रचार करना नहीं है। अधिकारियों को आशंका है कि इसके जरिए युवाओं को प्रभावित करने और राज्य में तनाव बढ़ाने की कोशिश हो सकती है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों को चुनना भी एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। इन इलाकों में सोशल मीडिया पर फैली हर जानकारी की तुरंत जांच करना आसान नहीं होता। ऐसे में गलत जानकारी तेजी से फैलने का खतरा रहता है।
अधिकारियों के मुताबिक, SFJ के पास सोशल मीडिया पर सक्रिय नेटवर्क है। संगठन अपनी गतिविधियों के वीडियो और दूसरे कंटेंट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। खुफिया अधिकारियों का दावा है कि इस अभियान में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी भ्रामक जानकारी भी फैलाई जा सकती है। इससे लोगों के बीच गलतफहमी बढ़ने और सांप्रदायिक तनाव पैदा होने की आशंका है।
संगठन ऐसे युवाओं को भी निशाना बना रहा है जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उनकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
SFJ की गतिविधियां ऐसे समय में सामने आई हैं जब पंजाब में चुनाव की तैयारियां शुरू हो रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सीमा पार से आने वाले ड्रोन के खतरे पर नजर रख रही हैं। इन ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशें हो रही हैं। इसी बीच प्रोपेगैंडा गतिविधियों को सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
बता दें पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में SFJ की भूमिका सामने आई थी।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि पोस्टर और ग्रैफिटी जैसी छोटी दिखने वाली गतिविधियों को नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़ी चुनौती बन सकता है। इसलिए चुनाव से पहले पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया, ग्रामीण इलाकों और सीमा से जुड़ी गतिविधियों पर खास नजर रख रही हैं।