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CG Naxal Encounter: 76 घंटे बाद गृहग्राम पंहुचा हिडमा और उसकी पत्नी का शव, ग्रामीणों की उमड़ी भीड़, पुलिस पर लगा यह आरोप

CG Naxal Encounter: हिड़मा और पत्नी का शव लेने आंध्र प्रदेश गए थे। मौत के 76 घंटे बाद नक्सली दम्पत्ति का शव गृहग्राम पंहुचा है। इसके बाद में गांव में ग्रामीणों की बी भीड़ जमा हो गई है।

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Nov 20, 2025
हिडमा और उसकी पत्नि का शव (Photo Patrika)

CG Naxal Encounter: नक्सल इतिहास का सबसे क्रूर और खूंखार चेहरा माड़वी हिड़मा आखिरकार मारा गया। हिड़मा और उसकी पत्नी राजे समेत चार अन्य नक्सलियों को 18 नवंबर मंगलवार की सुबह आंध्र के मरेडमिल्ली के जंगल में ढेर कर दिया गया। जहां हिड़मा को मारा गया वह इलाका छत्तीसगढ़ के बॉर्डर से लगा हुआ है। इस बीच अब खबर सामने आ रही है कि नक्सली मांडवी हिडमा और उसकी पत्नि राजे उर्फ रजक्का का शव उसके गृहग्राम पूवर्ती पंहुचा। इसके बाद गांव में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी हुई है।

बताया जा रहा हैं कि गांव के सरपंच और परिजन गए हिड़मा और पत्नी का शव लेने आंध्र प्रदेश गए थे। मौत के 76 घंटे बाद नक्सली दम्पत्ति का शव गृहग्राम पंहुचा है। इसके बाद में गांव में ग्रामीणों की बी भीड़ जमा हो गई है। हिडमा का बड़ा भाई मुए गया था शव लाने गए थे। गांव में बढ़ती भीड़ देखकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। फ़ोर्स ने पूरे गांव को घेर लिया है तीन किलोमीटर के रेडियस में जवानों की तैनाती की गई है | पुलिस को शक है कि भेष बदलकर कुछ नक्सली अन्तेष्ठी में शामिल हो सकते है।

पुलिस पर लगे आरोप

हिडमा और पांच अन्य नक्सलियों की मौत पर अब सियासत होने लगी है। आंध्र प्रदेश के सीपीआईएमएल न्यू डेमोक्रेसी संगठन के सचिव पी सूर्यम ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि हिडमा और पांच अन्य साथियों को विजयवाड़ा में गिरफ्तार कर उनकी हत्या की गई है मारेडूमिल्ली में फेंक दिए गए थे।

उन्होंने यह भी कहा कि मिलिट्री कमिशन के सचिव एवं नक्सल चीफ थिप्परी तिरुपति उर्फ़ देवजी भी पुलिस की गिरफ्त में हैं उसे तत्काल कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए।

उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जाँच करवाने की भी मांग की हैं। वही तेलंगाना आंध्र प्रदेश के जिन नक्सलियों की मौत छत्तीसगढ़ में हुई थी उनके शव छत्तीसगढ़ पुलिस ने उनके परिजनों को नहीं सौपे थे लेकिन आंध्रप्रदेश पुलिस ने जिस सहजता से हिडमा जैसे खूंखार नक्सली और उसकी पत्नि का शव उनके परिजनों को सौप दिया लोग उसकी तारीफ कर रहें हैं।

इन बड़े हमलों का मास्टर माइंड था हिड़मा

2007 : रानीबोदली हमला, 55 जवान शहीद

2010 : ताड़मेटला हमला, 76 जवान शहीद
2013 : झीरम घाटी कांड, 32 कांग्रेस नेताओं की हत्या2014 : टाहकवाड़ा सुकमा हमला, 16 जवान शहीद
2017 : बुरकापाल हमला, 25 जवान शहीद2020 : चिंतागुफा हमला, 17 जवान शहीद
2021 टेकलगुड़म हमला, 22 जवान शहीद

Updated on:
20 Nov 2025 11:28 am
Published on:
20 Nov 2025 11:01 am
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