
Illegal liquor seizure: सुकमा जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना छिंदगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और परिवहन में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 23 मार्च को थाना छिंदगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी अनीश कुमार पोंदी (26 वर्ष), निवासी पट्टनमपारा, सुकमा को पकड़ा।
उसके कब्जे से सिंबा कंपनी की 04 पेटी बीयर (48 बोतल, प्रत्येक 650 एमएल) और गोल्डन गोवा कंपनी की 03 पेटी पौवा शराब (144 पौवा, प्रत्येक 180 एमएल) बरामद की गई। कुल मिलाकर 57,120 एमएल शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत 26,880 रुपए आंकी गई है।
आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। थाना छिंदगढ़ में अपराध क्रमांक 21/2026 पंजीबद्ध कर आरोपी को 23 मार्च 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने मौके से बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई गई है। वाहन का उपयोग अवैध शराब परिवहन में किया जा रहा था।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रंजीत प्रताप सिंह, सउनि. अनंत ज्ञानी मेश्राम, वीर सिंह ठाकुर सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं हाल ही में दुर्ग और बलरामपुर जिले में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद प्रशासन व पुलिस की टीम को ड्रोन कैमरे से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। इसी बीच सरगुजा की संभागीय आबकारी उडऩदस्ता टीम ने रविवार को कोरिया जिले के फाटपानी गदबदी के जंगल में ड्रोन कैमरे की मदद से छापेमार कार्रवाई (Illegal liquor factory) की। यहां अवैध महुआ शराब की फैक्टरी का संचालन किया जा रहा था। कैमरे से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने जंगल में घेराबंदी कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। टीम ने आरोपियों के पास से 80 लीटर महुआ शराब और साढ़े 3 क्विंटल महुआ लाहन जब्त किया है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और सीमावर्ती जिलों, खासकर Sukma में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। जैसे पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब की तस्करी, बिना लाइसेंस बिक्री और परिवहन, नक्सल क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को फंडिंग का खतरा बना रहता है। इन्हीं कारणों से पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।