
Sultanpur Police Video Goes Viral: सुल्तानपुर में पुलिस का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रात के अंधेरे में पुलिसकर्मी दीवार पर चढ़ रहे हैं। वहीं औरतों के साथ बहस भी हो रही है। वायरल वीडियो में पुलिस कर्मी कहते हैं कि उन्हें तुरंत संजय चाहिए। इस पर महिलाएं पूछ रही है कि संजय ने क्या किया और क्यों चाहिए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तमाम प्रकार की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इधर फेसबुक पर संजय यदुवंशी ने पूछा है कि वह इलाहाबाद से सुल्तानपुर आ गया है, प्रशासन बताएं की कहां पेश होना है। इधर पुलिस ने बताया कि संजय के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज है जिसमें वांछित चल रहा है। मामला धम्मौर थाना क्षेत्र का है।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में धम्मौर थाना प्रभारी पुलिस कर्मियों के साथ अवधी गायक संजय यदुवंशी निवासी उधरपुर को गिरफ्तार करने पहुंची। मौके पर दरवाजा बंद मिला। इस पर पुलिसकर्मी दीवार फांदकर घर में घुस गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी घर की चारदीवारी लांघते और घर के अंदर मौजूद महिलाओं के साथ बहस करते दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद महिलाओं ने पुलिस के इस तरह रात में घर में घुसने का विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज और बदतमीजी भी की।
रात की घटना के बाद संजय यदुवंशी ने फेसबुक पर पोस्ट करके पुलिस से सवाल पूछा हैं। उन्होंने लिखा कि संजय किसलिए चाहिए आपको? क्या संजय के खिलाफ कोई गिरफ्तारी वारंट है? क्या संजय ने कोई हत्या या अपहरण किया है? उन्होंने कहा कि वह कोई गैंगस्टर नहीं है, अगर कोई मुकदमा है तो पुलिस को नोटिस भेजना चाहिए था, दिन में आना चाहिए था, न कि आधी रात को नशे की हालत में दीवार फांदकर घर में घुसना चाहिए।
इधर सुल्तानपुर पुलिस ने बताया कि अभियुक्त संजय यदुवंशी के विरुद्ध थाना कोतवाली नगर में मारपीट व जानलेवा हमला करने के संबंध में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत है। जिसमें वह वांछित चल रहा है। विवेचनात्मक कार्यवाही हेतु पुलिस टीम उसकी तलाश कर रही है। अन्य कानूनी कार्यवाही की जा रही है। पुलिस पर लगाए गए आरोप असत्य व निराधार हैं।
हालांकि वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और लोग इसे पुलिस की गुंडागर्दी बताया हैं। संजय ने उच्चाधिकारियों से आरोपी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई और निलंबन की मांग की है। उसने कहा है कि पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई निलंबित नहीं किया गया तो लखनऊ विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन देगा।